बिहार : बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। केंद्रीय मंत्री ने भागलपुर जिले समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का निरीक्षण किया। हालांकि, भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर बांध का प्रस्तावित स्थलीय निरीक्षण नहीं हो सका, जिसके बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
राघोपुर क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री के पहुंचने की सूचना के बाद प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। जाह्वनी चौक से राघोपुर पंचायत भवन तक करीब पांच फीट ऊंची बांस की बैरिकेडिंग कर आवागमन को नियंत्रित किया गया था। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग केंद्रीय मंत्री के आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब उनका स्थलीय दौरा नहीं हुआ तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
हवाई सर्वेक्षण तक सीमित रहा दौरा
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय टीम को राघोपुर बांध का निरीक्षण करना था। बाढ़ से प्रभावित इलाके में बांध की स्थिति और नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां की गई थीं।
हालांकि, मौसम और समय की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय मंत्री का दौरा हवाई सर्वेक्षण तक ही सीमित रह गया। उन्होंने हेलीकॉप्टर के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और नुकसान की स्थिति को देखा।
स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि केंद्रीय मंत्री मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और बाढ़ से हुए नुकसान को करीब से देखेंगे। लेकिन स्थलीय निरीक्षण नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
बैरिकेडिंग और इंतजार के बाद बढ़ी नाराजगी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री के आगमन को लेकर कई घंटे पहले से तैयारियां की गई थीं। लोगों की आवाजाही रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग लगाई गई थी।
जाह्वनी चौक से राघोपुर पंचायत भवन तक बांस की ऊंची बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। लोगों का कहना था कि वे अपनी समस्याएं बताने के लिए मंत्री का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनके नहीं आने से निराशा हुई।
इसके बाद कुछ लोगों ने विरोध जताया और मौके पर हंगामा शुरू हो गया। हालांकि, प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
केंद्रीय मंत्री ने बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति को समझने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदियों के बढ़े जलस्तर, जलमग्न क्षेत्रों और प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।
बिहार में मानसून के दौरान कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और खेती समेत जनजीवन पर असर पड़ा है। केंद्र और राज्य सरकार की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा कर रही हैं।
लोगों ने रखी अपनी समस्याएं
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने, फसलों के नुकसान और आवागमन की समस्या को लेकर ग्रामीणों में चिंता है।
लोग चाहते थे कि केंद्रीय मंत्री मौके पर आकर हालात देखें और उनकी समस्याओं को सीधे सुनें। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज किया जाए और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन ने संभाली स्थिति
मंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हंगामे की स्थिति बनने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया।
अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री के दौरे के दौरान राघोपुर बांध का स्थलीय निरीक्षण नहीं होने का मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन जारी है और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।