बिहार : भवन निर्माण विभाग के पूर्णिया प्रमंडल में तैनात अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ निगरानी ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई की है। बुधवार को निगरानी ब्यूरो की टीम ने पटना और पूर्णिया स्थित उनके ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में चार करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है।

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, अधीक्षण अभियंता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद उनके तीन ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं।

तीन ठिकानों पर हुई छापेमारी

जानकारी के मुताबिक, निगरानी ब्यूरो की टीम ने अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के पटना और पूर्णिया स्थित ठिकानों पर कार्रवाई की। टीम ने आवासीय परिसरों की तलाशी ली और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने जमीन, मकान, फ्लैट और अन्य निवेश से जुड़े कागजात बरामद किए हैं। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों की सत्यता और उनकी खरीद के स्रोत की जांच कर रही है।

फुलवारीशरीफ में पांच मंजिला मकान

निगरानी ब्यूरो की जांच में पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में एक पांच मंजिला मकान से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा दानापुर और नौबतपुर इलाके में करीब 26 कट्ठा जमीन के कागजात भी बरामद किए गए हैं।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों को कब और किस माध्यम से खरीदा गया। साथ ही इनकी कीमत और आय के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा फ्लैट और एजी कॉलोनी मकान के दस्तावेज मिले

छापेमारी के दौरान ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट और पटना के शास्त्रीनगर स्थित एजी कॉलोनी में तीन मंजिला मकान से जुड़े दस्तावेज भी मिलने की जानकारी सामने आई है।

निगरानी ब्यूरो अब सभी संपत्तियों का मूल्यांकन कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संपत्तियों का कुल मूल्य कितना है और इनमें से कितनी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है।

आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज

निगरानी ब्यूरो ने अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। एजेंसी का आरोप है कि उनकी संपत्ति उनकी ज्ञात आय के अनुपात में अधिक पाई गई है।

हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। संबंधित अधिकारी से भी इस मामले में पूछताछ की जा सकती है।

दस्तावेजों की जांच जारी

छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। निगरानी ब्यूरो यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि संपत्ति अर्जित करने में किन-किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

जांच एजेंसी बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल करेगी। इसके अलावा संपत्तियों के वास्तविक मूल्य का आकलन भी कराया जा सकता है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी

बिहार में निगरानी ब्यूरो समय-समय पर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कार्रवाई करता रहा है। सरकारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति का पता लगाना और कानूनी कार्रवाई करना है।

अधीक्षण अभियंता के मामले में भी निगरानी ब्यूरो ने प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई शुरू की है। अब आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

फिलहाल निगरानी ब्यूरो की टीम बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच में जुटी हुई है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Tags: