शिंदे का बिहार चुनाव पर बयान: महिलाओं की भागीदारी और एनडीए उत्साह पर जोर
Bihar बिहार। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बिहार में मतदान का माहौल बेहद सकारात्मक और उत्साही है। शिंदे ने बताया कि उन्होंने कई सभाएं ली हैं और लोगों में एनडीए के पक्ष में मतदान करने की स्पष्ट रुचि दिखाई दे रही है। एकनाथ शिंदे ने विपक्ष द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कल के मतदान में महिलाओं की भागीदारी बहुत अधिक थी। उन्होंने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा और इसे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी के समान बताया। शिंदे के अनुसार, यह मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक उत्साह का स्पष्ट प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले दशक के विकास ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक माहौल को बदल दिया है। “परिवर्तन तो 2005 में जंगलराज के समय हुआ था। पहले बिहार में शाम 6 बजे के बाद सभी गतिविधियां बंद हो जाती थीं, लेकिन आज लोग अपने व्यापार कर रहे हैं, भ्रमण कर रहे हैं और मतदान में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। यह लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है,” शिंदे ने कहा। राहुल गांधी और विपक्ष द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों पर शिंदे ने कहा कि कांग्रेस नेता हार स्वीकार करने के बजाय इसे वोट चोरी के नाम पर तर्क बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार के मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग लोकतांत्रिक तरीके से किया और किसी भी तरह का गलत प्रभार नहीं देखा गया।
शिंदे ने यह भी कहा कि बिहार में एनडीए के प्रति उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और मतदाता विकास, स्थिरता और सुधार की दिशा में मतदान कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी आरोपों को निराधार और जनता भ्रमित करने वाले प्रयास के रूप में बताया। इस अवसर पर एकनाथ शिंदे ने यह भी जोर दिया कि बिहार में महिलाओं और युवा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी चुनावी परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। उनके अनुसार, यह सकारात्मक संकेत एनडीए के लिए भविष्य में भी सुदृढ़ समर्थन का संकेत है। शिंदे के बयान से यह स्पष्ट होता है कि एनडीए राज्य में अपनी सक्रियता और विकास कार्यों के जरिए मतदाताओं का भरोसा हासिल करने में सफल रहा है, जबकि विपक्ष के आरोप और आलोचनाएं कम प्रभावशाली साबित हो रही हैं।