बेगूसराय। गढ़पुरा-हसनपुर पथ पर मालीपुर सुंदरवन के पास रविवार सुबह सड़क दुर्घटना में साइकिल सवार 18 वर्षीय छात्रा घायल हो गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बखरी विधायक और बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने घायल छात्रा को सड़क पर देखा तो तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने छात्रा की स्थिति देखकर उसे अपनी गाड़ी से इलाज के लिए हसनपुर भेजा।

घायल छात्रा की पहचान मालीपुर पंचायत के वार्ड संख्या 13 निवासी शत्रुघ्न पासवान की 18 वर्षीय पुत्री स्वीटी कुमारी के रूप में हुई है। स्वीटी बीए की छात्रा है। रविवार सुबह वह साइकिल से कोचिंग क्लास करने के लिए गढ़पुरा जा रही थी।

बताया गया कि सुबह करीब नौ बजे स्वीटी साइकिल से गढ़पुरा की ओर जा रही थी। मालीपुर सुंदरवन से पहले मुसहरी के पास एक अज्ञात वाहन ने उसकी साइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद छात्रा सड़क पर गिर गई और घायल हो गई। घटना के बाद वाहन चालक मौके से निकल गया।

हादसे के बाद छात्रा सड़क पर घायल अवस्था में पड़ी थी। इसी बीच गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार का काफिला उसी रास्ते से गुजर रहा था। उनकी नजर सड़क पर पड़ी घायल छात्रा पर गई तो उन्होंने तत्काल अपना वाहन रुकवाया।

मंत्री संजय कुमार अपने वाहन से उतरे और छात्रा की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायल छात्रा को उठाया और इलाज की व्यवस्था कराने में जुट गए।

घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस या किसी दूसरे वाहन का इंतजार करने के बजाय मंत्री ने अपनी गाड़ी उपलब्ध करा दी। छात्रा को उनकी गाड़ी से हसनपुर इलाज के लिए भेजा गया।

जानकारी के मुताबिक, मंत्री संजय कुमार उस समय मालीपुर पंचायत के मुखिया के यहां पितृशोक में सांत्वना देने जा रहे थे। रास्ते में दुर्घटना में घायल छात्रा को देखकर उन्होंने अपना कार्यक्रम कुछ समय के लिए रोक दिया और पहले छात्रा को इलाज के लिए भेजने की व्यवस्था की।

मंत्री की ओर से तत्काल मदद किए जाने की घटना की स्थानीय स्तर पर चर्चा हुई। सड़क दुर्घटनाओं में शुरुआती समय में घायल व्यक्ति को चिकित्सा सहायता मिलना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में छात्रा को बिना देर किए वाहन से अस्पताल भेजा गया।

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने भी छात्रा को उठाने और वाहन तक पहुंचाने में सहयोग किया। इसके बाद मंत्री की गाड़ी से उसे हसनपुर ले जाया गया, जहां इलाज की व्यवस्था की गई।

स्वीटी कुमारी मालीपुर पंचायत की रहने वाली है और स्नातक की पढ़ाई कर रही है। रविवार को वह पढ़ाई के सिलसिले में ही घर से निकली थी। वह साइकिल से कोचिंग जा रही थी, लेकिन रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गई।

मुसहरी के पास हुए हादसे में अज्ञात वाहन की टक्कर लगने के बाद उसकी साइकिल अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर गई। घटना इतनी अचानक हुई कि वाहन चालक को रोका नहीं जा सका।

हादसे के बाद मौके पर लोगों की आवाजाही शुरू हो गई। इसी दौरान मंत्री का काफिला वहां पहुंचा। सड़क पर घायल छात्रा को देखकर काफिले को आगे बढ़ाने के बजाय मंत्री ने वाहन रुकवाया और उसकी मदद के लिए आगे आए।

सड़क हादसों के बाद कई बार घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में समय लग जाता है। ऐसे मामलों में मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता महत्वपूर्ण होती है। इस घटना में मंत्री के काफिले के पहुंचने के बाद छात्रा को तत्काल वाहन उपलब्ध हो गया।

मंत्री ने छात्रा को अपनी गाड़ी से हसनपुर भेजने के बाद आगे का कार्यक्रम जारी रखा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उनके इस कदम की सराहना की।

स्थानीय लोगों के बीच इस बात की भी चर्चा रही कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होती। जरूरत के समय किसी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।

इस घटना में छात्रा को सड़क पर देखकर तत्काल वाहन उपलब्ध कराए जाने से उसे इलाज के लिए जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सका। हादसे के बाद छात्रा के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई।

घटना ने सड़क सुरक्षा का मुद्दा भी एक बार फिर सामने ला दिया है। गढ़पुरा-हसनपुर पथ से प्रतिदिन स्थानीय लोग, विद्यार्थी और अन्य वाहन चालक गुजरते हैं। साइकिल से स्कूल या कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए तेज रफ्तार वाहन जोखिम पैदा कर सकते हैं।

हादसे में टक्कर मारने वाले वाहन की तत्काल पहचान नहीं हो सकी। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और वाहन कौन चला रहा था।

घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी और गति नियंत्रित रखने की जरूरत को लेकर भी चर्चा हुई। खासकर आबादी वाले क्षेत्रों और साइकिल सवारों की आवाजाही वाले रास्तों पर वाहन चालकों से अतिरिक्त सतर्कता की अपेक्षा की जाती है।

18 वर्षीय स्वीटी की पढ़ाई जारी है और वह बीए की छात्रा है। रविवार की सुबह भी वह कोचिंग के लिए निकली थी। परिवार को उम्मीद नहीं थी कि रास्ते में इस तरह की दुर्घटना हो जाएगी।

अचानक हुए हादसे के बाद मंत्री का काफिला मौके से गुजरना छात्रा के लिए मददगार साबित हुआ। मंत्री ने घायल छात्रा को देखकर तत्काल गाड़ी रुकवाई और उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के दौरान मंत्री ने छात्रा की स्थिति को देखते हुए समय गंवाए बिना उसे अपनी गाड़ी से हसनपुर भेजने का निर्णय लिया। उनके साथ मौजूद लोगों ने भी छात्रा को वाहन तक पहुंचाने में मदद की।

सड़क दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता मिलने से घायल व्यक्ति को समय पर उपचार मिल सकता है। इस घटना में भी प्राथमिकता छात्रा को जल्द अस्पताल पहुंचाने की रही।

फिलहाल घटना में छात्रा के घायल होने और उसे इलाज के लिए हसनपुर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे में शामिल अज्ञात वाहन के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

रविवार सुबह हुई इस घटना में एक तरफ छात्रा के दुर्घटनाग्रस्त होने से चिंता की स्थिति बनी, वहीं दूसरी तरफ मौके से गुजर रहे मंत्री द्वारा तत्काल मदद के लिए काफिला रोकने और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराने की स्थानीय लोगों ने सराहना की।

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