पटना। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार सरकार ने राज्य की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना स्थित ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बेटियों के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। इन योजनाओं का उद्देश्य छात्राओं और युवतियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीएचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती योजना की शुरुआत की। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से बेटियों को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बनाया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की बेटियां प्रदेश की ताकत हैं। सरकार का प्रयास है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर क्षेत्र में समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

स्टार्टअप चैलेंज योजना के माध्यम से युवाओं और खासकर बेटियों को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इस योजना के तहत नए विचारों और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि युवा रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बेटियां व्यवसाय और स्टार्टअप के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें।

वहीं, बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके जरिए शोध और उच्च अध्ययन करने वाली छात्राओं को सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से बेटियां शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है जब महिलाओं और बेटियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पीएचडी फेलोशिप जैसी योजनाएं छात्राओं को अपने सपनों को पूरा करने में मदद करेंगी।

तीसरी योजना के तहत स्कूल और कॉलेजों के आसपास पुलिस दीदी की तैनाती की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। पुलिस दीदी छात्राओं की समस्याओं को सुनेंगी और जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता करेंगी। इससे बेटियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।

सरकार का मानना है कि शिक्षा संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से छात्राएं बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। पुलिस दीदी योजना के जरिए पुलिस और छात्राओं के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की कोशिश की जाएगी।

रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेटियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने भी योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और छात्राओं को शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार सहायता दी जा रही है।

बिहार सरकार की इन तीन नई पहलों को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्टार्टअप के जरिए आर्थिक मजबूती, पीएचडी फेलोशिप के जरिए शिक्षा को बढ़ावा और पुलिस दीदी योजना के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी रक्षाबंधन के दिन बेटियों के लिए इन योजनाओं की शुरुआत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में इन योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में छात्राओं और युवतियों को मिलेगा।

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