नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ा खतरा, गंडक समेत कई नदियों को लेकर अलर्ट
पटना। नेपाल में आई प्रलयंकारी बाढ़ के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। गंडक नदी से सीधे प्रभावित होने वाले आठ जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। वहीं, कोसी और बागमती नदी से सटे इलाकों में भी प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में बाढ़ की संभावित स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने नदियों के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। ऐसे क्षेत्रों में जहां बाढ़ का खतरा अधिक है, वहां राहत और बचाव की व्यवस्था पहले से मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में भारी बारिश के कारण वहां की नदियों में पानी बढ़ गया है। इसका सीधा असर बिहार की नदियों पर पड़ सकता है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पश्चिमी और उत्तरी बिहार के कई जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
गंडक नदी से प्रभावित जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन की टीमें गांव-गांव जाकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और लोगों को बाढ़ के खतरे को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की क्षति होने पर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, गंडक नदी के अलावा कोसी और बागमती नदी के आसपास के क्षेत्रों में भी नजर रखी जा रही है। इन नदियों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
राज्य सरकार ने सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने को कहा है। राहत सामग्री, नाव, मेडिकल टीम और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
बिहार हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की समस्या से प्रभावित होता है। नेपाल में होने वाली भारी बारिश का असर बिहार की नदियों पर पड़ता है, जिससे उत्तर बिहार के कई जिले प्रभावित होते हैं। ऐसे में इस बार भी प्रशासन पहले से सतर्कता बरत रहा है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों ने सभी जिलों में निगरानी व्यवस्था और तेज कर दी है। खासकर गंडक नदी के किनारे बसे इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैयार रहने को कहा गया है।
फिलहाल बिहार सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि यदि जलस्तर बढ़ता है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लोगों की सुरक्षा और समय पर राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।