सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, अफसरों पर सख्ती

Update: 2026-06-28 14:11 GMT

बिहार: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने काम में लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा ऐलान किया है। मुंगेर में पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी भी अधिकारी ने जनता के काम को 30 दिनों के भीतर पूरा नहीं किया तो उसे जिम्मेदार ठहराते हुए 31वें दिन सस्पेंड कर दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार और ढिलाई बरतने वाले अफसरों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर की जाएगी, ताकि कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के कार्यों में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर फाइल का समयबद्ध निपटारा अनिवार्य होगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब हर महीने के आखिरी रविवार को राज्य की सभी 8.5 हजार पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस दिन सांसद, विधायक, मुखिया और वार्ड सदस्य एक साथ बैठकर गांवों की समस्याओं का समाधान करेंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और पेंशन जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।

सरकार ने पंचायतों के विकास के लिए बजट में भी बड़ा इजाफा किया है। 17वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों का बजट 20 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 52 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही मनरेगा की जगह विकसित भारत जी-राम-जी अभियान के तहत करीब 70 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने की बात कही गई है। बिजली क्षेत्र में भी नई योजना लागू की जा रही है, जिसके तहत गरीब परिवार यदि सोलर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली उत्पादन करते हैं तो उन्हें सरकार की ओर से सीधा भुगतान किया जाएगा। वहीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जीविका दीदियों को मुफ्त गाय देने और दूध खरीद की व्यवस्था सरकार द्वारा किए जाने की घोषणा भी की गई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाषा अंगिका में जनता से संवाद किया, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण हो गया और पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा।

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