बिहार: कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) कार्यालय में शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और छात्र नेता पहुंचे और लंबित परीक्षाओं की तिथि जल्द घोषित करने की मांग की। अभ्यर्थियों ने आयोग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कहा कि पिछले करीब तीन वर्षों से कई प्रतियोगी परीक्षाएं रुकी हुई हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने इस देरी पर नाराजगी जताई और कहा कि लगातार इंतजार के कारण वे मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
छात्र नेता दिलीप के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बीएसएससी के सचिव और ओएसडी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी लंबित परीक्षाओं की तिथि जल्द घोषित करने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से कराने की मांग रखी। छात्रों का कहना है कि बार-बार देरी होने से प्रतियोगी अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हो रहा है और उनका करियर प्रभावित हो रहा है।
आयोग की ओर से प्रतिनिधियों को बताया गया कि परीक्षा की तैयारी तेजी से की जा रही है और जिला प्रशासन के साथ मिलकर परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि छात्रों ने इस जवाब पर संतोष नहीं जताया और जल्द ठोस कदम की मांग की।
छात्र नेता दिलीप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 10 से 15 दिनों के भीतर परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में बिहार के विभिन्न जिलों से छात्र शामिल होंगे और जरूरत पड़ने पर सड़क जाम जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी क्योंकि इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
अभ्यर्थियों ने सरकार और आयोग से अपील की है कि जल्द से जल्द परीक्षा की तारीख घोषित कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे छात्रों को राहत मिल सके। छात्रों का कहना है कि पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षा ही उनके भविष्य को सुरक्षित कर सकती है।