मधेपुरा। बिहार के प्रसिद्ध सिंगेश्वर मंदिर में सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनने की अपुष्ट खबरों से कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, जिला प्रशासन ने ऐसी किसी घटना से साफ इनकार किया है। जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक रंजन ने भगदड़ और बैरिकेडिंग गिरने से संबंधित खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच ऐसी कोई घटना नहीं हुई।

डीएम ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की और प्रशासन की ओर से किए गए सुरक्षा इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जरूर बढ़ी थी, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही।

भगदड़ की खबरों को प्रशासन ने बताया गलत

जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक रंजन ने कहा कि भगदड़ की खबरों का प्रशासन पुरजोर खंडन करता है। उनके अनुसार, सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच मंदिर परिसर या उसके आसपास भगदड़ जैसी कोई घटना नहीं हुई।

उन्होंने बैरिकेडिंग गिरने के दावे को भी गलत बताया। डीएम के मुताबिक, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगाए गए बैरिकेड सुरक्षित रहे और उनके गिरने की कोई घटना सामने नहीं आई।

प्रशासन के इस स्पष्टीकरण के बाद भगदड़ से संबंधित चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की गई है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

भीड़ बढ़ने से कुछ लोगों को हुई परेशानी

डीएम ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण कुछ लोगों को डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी की समस्या हुई। गर्मी और लंबे समय तक भीड़ में रहने के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत प्रभावित हुई।

ऐसे लोगों को तत्काल मेडिकल कैंप में ले जाया गया। वहां उन्हें आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा देने के साथ तरल पदार्थ उपलब्ध कराया गया। प्रशासन के अनुसार, मेडिकल सहायता मिलने के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ।

कुछ लोगों को अतिरिक्त चिकित्सकीय निगरानी के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने इसे भीड़ के दौरान होने वाली स्वास्थ्य संबंधी सामान्य समस्या के रूप में बताया और स्पष्ट किया कि इसे भगदड़ की घटना से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

मेडिकल कैंप में उपलब्ध कराई गई सहायता

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई थी। डिहाइड्रेशन से प्रभावित लोगों को मेडिकल कैंप में तत्काल तरल पदार्थ दिए गए।

प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा टीमों को तैयार रखा गया था। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मंदिर में दर्शन के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें और यदि किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो तुरंत मेडिकल टीम से संपर्क करें।

सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

सिंगेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई थी। बैरिकेडिंग के जरिए श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

डीएम के मुताबिक, सुबह के समय भीड़ काफी रही, लेकिन प्रशासनिक और पुलिस टीमों की मौजूदगी में स्थिति सामान्य बनी रही। किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराया जाए और भीड़ के कारण किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील

भगदड़ जैसी घटनाओं से जुड़ी अपुष्ट खबरें तेजी से फैलने पर प्रशासन की चिंता बढ़ जाती है। खासकर धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के दौरान ऐसी सूचनाएं श्रद्धालुओं में अनावश्यक भय पैदा कर सकती हैं।

इसी वजह से जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी सूचना को आगे न बढ़ाएं। प्रशासन ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में आधिकारिक माध्यमों से जानकारी दी जाएगी।

डीएम के बयान के बाद यह स्पष्ट किया गया कि मंदिर में भगदड़ या बैरिकेडिंग गिरने की कोई घटना नहीं हुई।

श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील

प्रशासन ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और भीड़ में धक्का-मुक्की से बचने की अपील की है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

भीड़ के बीच लंबे समय तक खड़े रहने से डिहाइड्रेशन जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए श्रद्धालुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और जरूरत पड़ने पर विश्राम करने की सलाह दी गई है।

स्थिति नियंत्रण में

फिलहाल जिला प्रशासन के अनुसार सिंगेश्वर मंदिर में स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। भगदड़ की खबरों को प्रशासन ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। भीड़ के कारण कुछ लोगों को डिहाइड्रेशन की समस्या जरूर हुई, लेकिन उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

जिला प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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