पटना: बिहार के भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने पटना और पूर्णिया स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।

निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, वित्तीय लेनदेन और अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर है कि अभियंता और उनके परिवार के नाम पर मौजूद संपत्तियों का स्रोत क्या है और क्या उनकी आय के मुकाबले संपत्ति अधिक है।

पटना और पूर्णिया में एक साथ पहुंची टीमें

जानकारी के मुताबिक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार सुबह से ही कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें पटना के दो स्थानों और पूर्णिया के एक ठिकाने पर पहुंचीं।

टीमों ने संबंधित परिसरों में पहुंचकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। इस दौरान घर और अन्य स्थानों पर मौजूद महत्वपूर्ण कागजात, जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी संपत्ति और किस तरह के वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं।

जमीन और मकान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच

निगरानी ब्यूरो की जांच का मुख्य बिंदु जमीन और मकान की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड बताए जा रहे हैं। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी ने अपने कार्यकाल के दौरान कितनी संपत्तियां अर्जित कीं और उनके लिए धन का स्रोत क्या था।

इसके अलावा संपत्तियों के स्वामित्व, रजिस्ट्री दस्तावेज और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसी अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है, ताकि आय और संपत्ति के बीच अंतर का आकलन किया जा सके।

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में होती है कार्रवाई

आय से अधिक संपत्ति का मामला तब बनता है, जब किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी की ज्ञात आय के मुकाबले उसकी संपत्ति अधिक पाई जाती है और उसके स्रोत को लेकर सवाल उठते हैं।

ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां संबंधित व्यक्ति की आय, खर्च, बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों का मिलान करती हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाती है।

वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही निगरानी टीम

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीमों ने कार्रवाई के दौरान बैंकिंग लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए हैं। बैंक खातों में हुए लेनदेन, निवेश, संपत्ति खरीद और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि कहीं संपत्तियां किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर तो नहीं खरीदी गई हैं या किसी माध्यम से धन का निवेश तो नहीं किया गया।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर

फिलहाल निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी ने अभी तक बरामद दस्तावेजों या अन्य सामग्री के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

तलाशी पूरी होने के बाद ही यह सामने आएगा कि जांच के दौरान कितने दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

निगरानी विभाग की यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति से जुड़े मामलों पर चल रहे अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। एजेंसी अब आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर करेगी।

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