ई-शिक्षा कोष की मॉनिटरिंग पर सवाल

Update: 2026-07-01 13:49 GMT

Bihar: मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई ई-शिक्षा कोष व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि कुछ शिक्षक सुबह ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के बाद विद्यालय छोड़ देते हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यह मामला मोतिहारी शहर और आसपास के कई सरकारी विद्यालयों से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि अब तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ शिक्षक समय पर ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन हाजिरी लगा देते हैं और इसके बाद विद्यालय में मौजूद नहीं रहते। आरोप है कि वे निजी कार्यों के लिए बाहर चले जाते हैं और बाद में विद्यालय क्षेत्र में पहुंचकर लोकेशन अपडेट कर विभागीय प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं। इस तरह की स्थिति से स्कूलों में अनुशासन और पढ़ाई दोनों पर असर पड़ने की बात कही जा रही है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि नियमित और सख्त निगरानी नहीं की गई तो ऐसी शिकायतें और बढ़ सकती हैं। उनका मानना है कि इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की शिक्षा और शैक्षणिक माहौल पर पड़ रहा है। लोगों ने यह भी कहा कि केवल ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली से पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो सकती।

इसी को देखते हुए स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने विद्यालयों में नियमित औचक निरीक्षण, भौतिक सत्यापन और ई-शिक्षा कोष की प्रभावी मॉनिटरिंग की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से लापरवाह शिक्षकों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और व्यवस्था में सुधार आएगा।

इस मामले पर सदर मोतिहारी के प्रभारी बीईओ सरोज कुमार सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि ई-शिक्षा कोष की मॉनिटरिंग को लेकर संबंधित कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं और पहले भी कई शिक्षकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की नियमित जांच कराई जाएगी और यदि कोई शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी के बाद अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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