जमुई। 64 पासपोर्ट बरामदगी मामले में गिरफ्तार शत्रुपट्टी उपडाकघर के डाककर्मी मो. अदनान पर अब विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डाक विभाग ने बुधवार को उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि पासपोर्ट प्रकरण में मो. अदनान की वास्तविक भूमिका क्या थी और वह किस तरह इस मामले से जुड़ा हुआ था। विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रारंभिक स्तर पर यह कदम उठाया है।

प्रधान डाकघर के अधीक्षक संतोष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मो. अदनान शत्रुपट्टी उपडाकघर में कार्यरत था। पासपोर्ट से जुड़े मामले में उसकी गिरफ्तारी के बाद विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया है।

उन्होंने बताया कि निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या संलिप्तता सामने आती है तो विभागीय नियमों के अनुसार कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, 64 पासपोर्ट बरामदगी के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया है। पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़े मामले में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण डाक विभाग ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कर्मचारी से जुड़े किसी भी मामले में केवल गिरफ्तारी के आधार पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता, बल्कि विभागीय स्तर पर भी जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत मो. अदनान के खिलाफ जांच शुरू की गई है।

जांच में यह देखा जाएगा कि पासपोर्ट की बरामदगी से जुड़े घटनाक्रम में डाककर्मी की भूमिका क्या थी। क्या उसने अपने पद का दुरुपयोग किया या किसी तरह की लापरवाही बरती, इन सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी।

पासपोर्ट देश का महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज होता है और इसके वितरण तथा रखरखाव में कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था होती है। ऐसे में पासपोर्ट से जुड़े मामलों में विभाग किसी भी तरह की चूक को नजरअंदाज नहीं करता।

मो. अदनान के निलंबन के बाद अब विभागीय जांच अधिकारी मामले से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की समीक्षा करेंगे। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी ली जा सकती है।

इस मामले के सामने आने के बाद डाक विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। विभाग का कहना है कि कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी और सावधानी से पालन करना होता है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगाना है।

फिलहाल मो. अदनान निलंबित है और विभागीय जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी पासपोर्ट प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।

64 पासपोर्ट बरामदगी मामले में डाककर्मी पर हुई यह कार्रवाई विभाग की ओर से उठाया गया पहला बड़ा कदम है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में उसकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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