जमुई। बिहार के जमुई जिले में पुलिस के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। बटिया थाना के नाम पर बालू कारोबारियों से पैसे मांगने का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, वायरल ऑडियो में कथित तौर पर 'बबलू' और 'आरिफ' नाम के दो लोगों के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। बातचीत में बालू ढुलाई करने वाले कारोबारियों से पैसे लेने और पुलिस कार्रवाई की धमकी देने जैसी बातें सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि ऑडियो में ट्रैक्टर से बालू ढुलाई करने वालों से पैसे की मांग की चर्चा हो रही है। बातचीत के दौरान ऑनलाइन भुगतान और नकद राशि देने की बात भी कथित रूप से सुनाई दे रही है। इसके अलावा बाइक से बालू ढुलाई करने वालों से भी रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया गया है।
वायरल ऑडियो में कथित रूप से आरिफ नाम का व्यक्ति बबलू से बातचीत करते हुए सुनाई देता है। आरोप है कि बातचीत में वह पुलिस के नाम का इस्तेमाल करते हुए पैसे देने का दबाव बना रहा है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि पैसे नहीं देने पर पुलिस कार्रवाई करवाने और वाहनों को पकड़वाने की धमकी दी गई।
ऑडियो में कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि अगर पुलिस की बात नहीं मानी गई तो दुर्गा पूजा से पहले छापेमारी कर वाहनों को पकड़ लिया जाएगा। इसके अलावा बातचीत के एक हिस्से में पुलिस की गाड़ी दिखाई देने पर रास्ते से हट जाने की सलाह देने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक ऑडियो की प्रमाणिकता और इसमें शामिल लोगों की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल ऑडियो में कितनी सच्चाई है और इसमें शामिल लोग कौन हैं।
सूत्रों के अनुसार, वायरल हो रहा कथित ऑडियो पिछले वर्ष का बताया जा रहा है। वहीं, यह भी जानकारी सामने आई है कि वर्तमान समय में बटिया थाना में आरिफ नाम का कोई पुलिसकर्मी या अधिकारी तैनात नहीं है। ऐसे में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ऑडियो में बातचीत करने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान क्या है।
मामले की जांच झाझा के एसडीपीओ राजेश कुमार को सौंपी गई है। एसडीपीओ ने कहा कि वायरल ऑडियो उनके संज्ञान में आया है और इसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बालू कारोबार से जुड़े मामलों में अवैध वसूली के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की जाती है। जमुई के इस मामले में भी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वास्तव में किसी व्यक्ति ने पुलिस के नाम का गलत इस्तेमाल कर कारोबारियों से पैसे मांगने की कोशिश की या फिर वायरल ऑडियो किसी अन्य मामले से जुड़ा है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। वायरल ऑडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूरी मानी जा रही है।