पुराने मामले में पप्पू यादव ने किया सरेंडर, मिली जमानत

Update: 2026-06-24 14:46 GMT

Bihar: पटना में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार को विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया। यह मामला वर्ष 2020 में CAA-NRC और कृषि बिल के विरोध में किए गए धरना-प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने के आरोप उन पर दर्ज थे। अदालत में सुनवाई के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव ने सांसदों एवं विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत में आत्मसमर्पण किया। उनके खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज थे, जिनमें एक कोतवाली थाना कांड संख्या 133/2020 और दूसरा कांड संख्या 390/2020 शामिल है।

पहले मामले में आरोप है कि 23 फरवरी 2020 को उन्होंने पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में CAA और NRC के विरोध में प्रदर्शन किया था। वहीं दूसरे मामले में 25 सितंबर 2020 को कृषि कानूनों के विरोध में आयकर गोलंबर के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना देने का आरोप लगाया गया था।

अदालत में पेशी के बाद उनके अधिवक्ता विजय आनंद ने जमानत याचिका दाखिल की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें राहत दे दी। कोर्ट ने प्रत्येक मामले में 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों के बांड पर जमानत देने का आदेश दिया।

अदालत के आदेश के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और पप्पू यादव को जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस फैसले के बाद मामले से जुड़ी कानूनी कार्यवाही फिलहाल समाप्त हो गई है, हालांकि दोनों मामलों का रिकॉर्ड न्यायिक प्रक्रिया में बना रहेगा।

यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा है क्योंकि इसमें CAA-NRC और कृषि कानून जैसे बड़े आंदोलनों से जुड़े प्रदर्शन शामिल हैं। वहीं, जमानत मिलने के बाद समर्थकों ने इसे राहत का फैसला बताया है।

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