Bihar: भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस पूरे प्रकरण में मृतक के भाई चंदन तिवारी ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह घटना आत्मसमर्पण के बाद हुई और इसके बावजूद कार्रवाई की गई।
चंदन तिवारी ने कहा कि इस मामले में किसी जांच की जरूरत नहीं है, क्योंकि “सब कुछ साफ है और सब कुछ सामने है।” उन्होंने मांग की कि जो भी इस घटना में शामिल हैं, उन्हें तुरंत आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जाए और जेल भेजा जाए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के समय उन्होंने देखा था कि भरत भूषण तिवारी पुलिस और अधिकारियों से घिर चुके थे और उन्होंने अपना हथियार भी फेंक दिया था। चंदन के अनुसार, उस समय बातचीत के दौरान उन्हें आत्मसमर्पण के लिए आश्वासन भी दिया गया था।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद उन्हें दूसरी जगह ले जाकर कथित रूप से धक्का दिया गया, जिसके बाद यह घटना हुई। परिवार ने पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई है।
इधर प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी रहने की बात कही गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है।