Bihar बिहार: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material-CSAM) उपलब्ध होने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और मेटा इंडिया (Meta India) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस मामले में एक सप्ताह के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
3 अगस्त 2026 को जारी नोटिस (केस संख्या 833/90/0/2026) में एनएचआरसी ने कहा कि कुछ इंस्टाग्राम और फेसबुक लिंक पर कथित रूप से बाल यौन शोषण से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध होने की शिकायत मिली है। आयोग ने इस मामले को बच्चों के अधिकारों और मानवाधिकारों से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय मानते हुए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता बताई है।
आयोग ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और मेटा इंडिया से पूछा है कि शिकायत मिलने के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि संबंधित लिंक हटाने, दोषियों की पहचान करने और भविष्य में ऐसी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
एनएचआरसी ने अपने नोटिस में कहा कि यदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस प्रकार की सामग्री उपलब्ध है, तो यह बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और निजता के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने संबंधित एजेंसियों से समन्वय बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। मामले को लेकर अब बिहार पुलिस, MeitY और Meta India की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद एनएचआरसी आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।