पटना : स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जंतर-मंतर से जुड़े विवाद और वायरल वीडियो के बाद अब उस केंद्रीय मंत्री ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिनका नाम स्वतंत्र भारद्वाज अपने एक वीडियो में लेते हुए उन्हें अपना “बड़ा भाई” बता रहा था। केंद्रीय मंत्री **चिराग पासवान** ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम और तस्वीर का गलत इस्तेमाल किया गया।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। चिराग पासवान ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति का उनसे फोटो खिंचवाना या नाम लेना यह साबित नहीं करता कि वह उसे व्यक्तिगत रूप से जानते हैं या उसका समर्थन करते हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज ने क्या दावा किया था?
स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने कई नेताओं के साथ अपने कथित संबंधों का जिक्र किया था। वीडियो में उसने चिराग पासवान और कुछ अन्य नेताओं को अपना करीबी बताते हुए “बड़ा भाई” कहा था।
उसने दावा किया था कि उसे बड़े नेताओं का समर्थन हासिल है और इसी वजह से उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उसके इन दावों के बाद ही मामला और विवादित हो गया।
चिराग पासवान ने क्यों दर्ज कराई शिकायत?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
चिराग पासवान ने यह भी कहा कि किसी से मिलना, फोटो खिंचवाना या सार्वजनिक जीवन में लोगों से बातचीत करना राजनीति का हिस्सा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति उनका करीबी है या उन्हें उसका समर्थन प्राप्त है।
जंतर-मंतर विवाद से बढ़ी मुश्किलें
स्वतंत्र भारद्वाज उस समय सुर्खियों में आया जब जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़े मामले में उसका नाम सामने आया। एक वायरल पॉडकास्ट में उसने कथित तौर पर प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता के साथ हुई मारपीट को लेकर बयान दिया था।
इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई और दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, घटना से जुड़े सभी वीडियो, बयान और सबूतों की जांच की जा रही है। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया पर किए गए दावों और वास्तविक तथ्यों में अंतर हो सकता है, इसलिए जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मामला सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस समेत कई नेताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज के बयानों को लेकर प्रतिक्रिया दी है और कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, चिराग पासवान ने खुद को इस विवाद से अलग करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी नेता के नाम का गलत इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
नाम और प्रभाव दिखाने की कोशिश पर सवाल
राजनीति में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां कुछ लोग प्रभावशाली नेताओं के साथ तस्वीरें या मुलाकातों का हवाला देकर अपनी पहुंच दिखाने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी नेता के साथ फोटो होना किसी आधिकारिक संबंध या समर्थन का प्रमाण नहीं होता।
इस मामले में भी यही सवाल उठ रहा है कि क्या स्वतंत्र भारद्वाज ने नेताओं के नाम का इस्तेमाल अपनी छवि मजबूत करने के लिए किया।
आगे क्या होगा?
अब नजर इस बात पर है कि दिल्ली पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
वहीं, चिराग पासवान की शिकायत के बाद मामला और गंभीर हो गया है क्योंकि इसमें एक केंद्रीय मंत्री के नाम के इस्तेमाल का आरोप भी जुड़ गया है।
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