Patna : पटना National Eligibility cum Entrance Test (NEET) (UG) 2024 में पेपर लीक के आरोपों की जांच कर रही बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शनिवार को इस अपराध में शामिल होने के संदेह में 11 अभ्यर्थियों को नोटिस भेजा है। परीक्षा माफियाओं के कब्जे से उनके नाम और रोल कोड मिलने के बाद उन्हें नोटिस भेजा गया। इन 11 अभ्यर्थियों में से सात लड़कियां हैं जो बिहार के विभिन्न जिलों की रहने वाली हैं। एनटीए, जिसने पहले नीट 2024 में किसी भी तरह की अनियमितता को पूरी तरह से खारिज कर दिया था, ने बिहार ईओयू को 11 अभ्यर्थियों का विवरण उपलब्ध कराया है। इससे पहले ईओयू ने छह परीक्षा माफियाओं, चार अभ्यर्थियों और तीन अभिभावकों समेत 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर ईओयू ने पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित लर्न प्ले स्कूल में आंशिक रूप से जले हुए प्रश्नपत्र बरामद किए थे।
ईओयू को बुकलेट संख्या 6136488 में आंशिक रूप से जले हुए प्रश्नपत्र मिले, जिनकी विषय-वस्तु नीट (यूजी) 2024 के प्रश्नपत्र जैसी ही थी। ईओयू ने करीब एक महीने पहले एनटीए से बुकलेट संख्या 6136488 की मूल प्रति मांगी थी, लेकिन तीन रिमाइंडर के बाद भी मूल प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने अपने बयान में कहा कि उन्हें परीक्षा से एक दिन पहले 4 मई को प्रश्नपत्र मिला था और वह वही था। 14 जून को आने वाला नीट का परिणाम 4 जून को घोषित किया गया। नीट (यूजी) परीक्षा में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि 67 अभ्यर्थियों ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए और हजारों छात्रों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए। कुल 24 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। 1,563 विद्यार्थियों को यादृच्छिक रूप से ग्रेस अंक दिए गए, जबकि परीक्षा की अधिसूचना में ऐसा कोई बिंदु नहीं था। एनटीए ने कोर्ट में कहा कि 1,563 छात्रों के ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिए जाएंगे और उन्हें 23 जून को फिर से परीक्षा देनी होगी। हालांकि याचिकाकर्ता सिर्फ ग्रेस मार्क्स रद्द करने से संतुष्ट नहीं है।
Tags: