मोतिहारी। नगर के मीना बाजार से करीब चार माह पहले छह माह की बच्ची के साथ अगवा की गई 22 वर्षीय विवाहिता रुचि खातून उर्फ अफरीना परवीन की नेपाल में हत्या किए जाने की सूचना से सनसनी फैल गई है। महिला का शव नेपाल के हथौड़ा क्षेत्र के जंगल से बरामद होने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। हालांकि, उसके साथ लापता हुई छह माह की बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्ची की तलाश में पुलिस की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, रुचि खातून उर्फ अफरीना परवीन को उसकी छह माह की बच्ची के साथ नगर के मीना बाजार इलाके से चार महीने पहले कथित तौर पर अगवा किया गया था। घटना के बाद परिजनों ने नगर थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर महिला और उसकी बच्ची की तलाश शुरू की थी।
इसी बीच नेपाल पुलिस ने छह अगस्त को हथौड़ा के जंगल से बोरी में बंद एक महिला का शव बरामद किया। शव मिलने की सूचना जब भारतीय पुलिस तक पहुंची तो नगर थाना पुलिस की जांच ने नया मोड़ लिया। पुलिस को आशंका हुई कि जंगल से बरामद शव कहीं लापता रुचि खातून का तो नहीं है। इसके बाद मामले में पहले से चल रही जांच को तेज कर दिया गया।
शव की बरामदगी की सूचना के बाद नगर थाना पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ और उनकी गतिविधियों की पड़ताल शुरू की। इसी क्रम में पुलिस ने बीती रात बैरिया थाना क्षेत्र के सिसवा सरेया निवासी राहुल कुमार को छापेमारी कर गिरफ्तार किया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला की हत्या के पीछे कौन लोग शामिल हैं और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया।
नगर थाना के पुलिस इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार ने बताया कि महिला के अपहरण को लेकर 21 अप्रैल को नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब नेपाल में उसकी हत्या होने की सूचना मिली है। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
नेपाल के जंगल में मिला बोरी में बंद शव
नेपाल पुलिस को छह अगस्त को हथौड़ा के जंगल में एक महिला का शव बोरी में बंद अवस्था में मिला था। शव मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। भारत में रुचि खातून के लापता होने और नेपाल में महिला का शव मिलने की सूचना के बीच संभावित संबंध को देखते हुए भारतीय पुलिस भी सक्रिय हो गई।
पुलिस अब शव की पहचान और घटना की परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। यदि बरामद शव की पहचान रुचि खातून के रूप में आधिकारिक तौर पर स्थापित होती है तो अपहरण के मामले की जांच हत्या के मामले में बदल जाएगी और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बच्ची की तलाश बनी सबसे बड़ी चुनौती
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू छह माह की बच्ची का अब तक पता नहीं चलना है। महिला के साथ बच्ची के भी लापता होने की बात सामने आई थी। अब महिला की हत्या की सूचना के बाद बच्ची की सुरक्षा को लेकर परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपी से बच्ची के बारे में भी जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रही है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि महिला को अगवा करने के बाद बच्ची को कहां ले जाया गया और वह फिलहाल किसके पास है। पुलिस संभावित स्थानों और संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अपहरण की प्राथमिकी के बाद शुरू हुई थी तलाश
रुचि खातून के लापता होने के बाद परिजनों ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला और बच्ची की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने संभावित आरोपियों और उनके संपर्कों की जानकारी जुटाई।
अब नेपाल में महिला का शव मिलने और एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने घटना की पूरी कड़ी स्पष्ट करने की चुनौती है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि महिला को बिहार से नेपाल कैसे ले जाया गया, वहां उसकी हत्या क्यों की गई और इस वारदात में कितने लोग शामिल थे।
सीमा पार कनेक्शन की भी जांच
घटना में नेपाल का नाम सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा सीमा पार तक पहुंच गया है। भारत-नेपाल सीमा के रास्तों, संदिग्धों की आवाजाही और महिला के संपर्कों की जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी का नेपाल से कोई संपर्क था या नहीं।
जांच अधिकारियों के लिए महिला की पहचान की पुष्टि, हत्या की वजह और बच्ची का पता लगाना तीन प्रमुख बिंदु हैं। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि महिला को किस परिस्थिति में नेपाल ले जाया गया और हत्या से पहले उसके साथ क्या हुआ।
परिजनों की बढ़ी चिंता
महिला की हत्या की सूचना सामने आने के बाद उसके परिजनों में मातम और चिंता का माहौल है। एक तरफ परिवार को रुचि खातून की मौत की खबर ने झकझोर दिया है, वहीं छह माह की बच्ची के लापता होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है। परिवार अब पुलिस से बच्ची को जल्द से जल्द बरामद करने की मांग कर रहा है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी तय की जाएगी।
फिलहाल यह मामला केवल एक विवाहिता की हत्या तक सीमित नहीं है। छह माह की बच्ची का गायब होना जांच का सबसे संवेदनशील पहलू बना हुआ है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की जिम्मेदारी है कि बच्ची कहां है और उसके साथ क्या हुआ। वहीं, नेपाल से बरामद महिला के शव की पहचान और हत्या की परिस्थितियों को स्पष्ट करना भी जांच का अहम हिस्सा है।
चार महीने पहले मीना बाजार से बच्ची के साथ लापता हुई रुचि खातून की तलाश अब हत्या की जांच में बदल गई है। एक युवक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से घटना की कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, जब तक शव की पहचान और हत्या से जुड़े अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक मामले की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।