Bihar बिहार: रेलवे में अवैध सामानों की तस्करी और प्रतिबंधित वस्तुओं की आवाजाही पर रोक लगाने के उद्देश्य से आरपीएफ कोडरमा द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस अभियान के दौरान ट्रेन संख्या 13305 अप धनबाद–सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस से 65 लीटर देशी महुआ शराब बरामद की गई, जिससे रेलवे में अवैध परिवहन पर एक बार फिर सख्ती का संदेश गया है।
यह कार्रवाई निरीक्षक प्रभारी आरपीएफ पोस्ट कोडरमा के निर्देशन में की गई। अभियान के तहत आरपीएफ ओपी गुरपा के उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, प्रधान आरक्षी हरिमोहन मीणा और आरक्षी मिंकु कुमार की टीम द्वारा ट्रेन में लगातार प्रतिबंधित सामानों की जांच और निगरानी की जा रही थी। रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया हुआ था।
इसी दौरान लालबाग और दिलवा स्टेशन के बीच चलती ट्रेन के साधारण कोच में तीन प्लास्टिक के बोरे संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए पाए गए। इन बोरों से तेज महुआ शराब की गंध आ रही थी, जिससे आरपीएफ टीम को संदेह हुआ। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कोच में बैठे यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन किसी भी यात्री ने इन बोरों पर अपना दावा नहीं किया।
स्थिति स्पष्ट न होने पर आरपीएफ टीम ने संदेह के आधार पर सभी बोरों को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच की। जब बोरों को खोला गया तो उनमें भारी मात्रा में देशी महुआ शराब पाई गई, जिसकी कुल मात्रा लगभग 65 लीटर बताई गई है। बरामद शराब को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, रेलवे के माध्यम से अवैध शराब की तस्करी एक गंभीर समस्या है, जिस पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत ट्रेनों में संदिग्ध यात्रियों, लावारिस सामान और अवैध वस्तुओं की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि को रोका जा सके।
रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रेनों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है, क्योंकि रेलवे के जरिए अवैध शराब और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। इस तरह की कार्रवाई से न केवल तस्करों पर रोक लगेगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
आरपीएफ कोडरमा की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।