ट्रेन चलाने से पहले लोको पायलट की होगी जांच, नशे में मिले तो रुकेगी ड्यूटी
रेलवे स्टेशन पहुंचीं 4 हाईटेक मशीनें
मुजफ्फरपुर: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में बिहार के मुजफ्फरपुर जंक्शन सहित तीन रेलवे स्टेशनों के लिए चार नई क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) मशीनें भेजी गई हैं। इन मशीनों की मदद से ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गार्ड की ड्यूटी से पहले जांच की जा सकेगी। विशेष रूप से यह पता लगाया जाएगा कि कोई कर्मचारी शराब के प्रभाव में तो नहीं है।
समस्तीपुर रेल मंडल की ओर से भेजी गई चार मशीनों में से दो मुजफ्फरपुर जंक्शन की क्रू लॉबी में लगाई जाएंगी। इसके अलावा नारायणपुर अनंत और महवल रेलवे स्टेशन पर एक-एक मशीन स्थापित की जाएगी। फिलहाल मशीनों को मुजफ्फरपुर जंक्शन की सीटीबी बिल्डिंग में रखा गया है। तकनीशियनों के आने के बाद इन्हें स्थापित कर चालू किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत जब कोई लोको पायलट, सहायक लोको पायलट या गार्ड ड्यूटी शुरू करने के लिए साइन ऑन करेगा, तो शराब सेवन की जांच की जाएगी। यदि जांच में कोई कर्मचारी शराब के प्रभाव में पाया जाता है, तो इसकी जानकारी तुरंत रेलवे प्रशासन तक पहुंच जाएगी। संबंधित कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोक दिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस तकनीक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेन संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी पूरी तरह सतर्क और ड्यूटी के लिए योग्य हों। रेलवे में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में ट्रेन चलाने से पहले कर्मचारियों की स्थिति की जांच करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CMS मशीनों की खासियत केवल शराब की जांच तक सीमित नहीं है। इनकी मदद से रनिंग स्टाफ के काम के घंटे, ड्यूटी का समय और आराम की अवधि का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। सिस्टम उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह आकलन करने में मदद करेगा कि कर्मचारी को पर्याप्त विश्राम मिला है या नहीं।
लगातार लंबी ड्यूटी करने और पर्याप्त आराम नहीं मिलने से कर्मचारियों की सतर्कता प्रभावित हो सकती है। इसलिए रेलवे नई व्यवस्था के जरिए कर्मचारियों के कार्यभार को संतुलित रखने की कोशिश करेगा। इससे ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। मशीनों के चालू होने के बाद प्रत्येक कर्मचारी के साइन ऑन और साइन ऑफ का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि कर्मचारी ने कब ड्यूटी शुरू की, कितने घंटे काम किया और उसकी अगली ड्यूटी कब निर्धारित की जा सकती है।
CMS भारतीय रेलवे का डिजिटल क्रू प्रबंधन सिस्टम है। इसे सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) ने विकसित किया है। इसका उपयोग लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गार्ड की उपलब्धता, कार्य इतिहास और ड्यूटी से संबंधित जानकारी के प्रबंधन में किया जाता है। रेलवे के अन्य मंडलों में यह व्यवस्था पहले से लागू है। अब समस्तीपुर मंडल के संबंधित स्टेशनों पर भी इसका विस्तार किया जा रहा है। कर्मचारियों को कियोस्क के साथ मोबाइल एप के माध्यम से भी साइन ऑन और साइन ऑफ की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
नई प्रणाली से कर्मचारियों के ओवरटाइम की गणना और कार्य घंटों की निगरानी में भी मदद मिलेगी। इससे ड्यूटी प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। मुजफ्फरपुर, नारायणपुर अनंत और महवल में मशीनों की स्थापना के बाद रेलवे कर्मचारियों की जांच और डिजिटल निगरानी की व्यवस्था और मजबूत होगी। रेलवे को उम्मीद है कि इससे संचालन संबंधी जोखिम कम करने और यात्रियों की सुरक्षा बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।