शहरी इलाकों में इंटरनेट फिर शुरू

Update: 2026-07-25 04:26 GMT

मुजफ्फरपुर : बिहार बंद को लेकर मुजफ्फरपुर के शहरी क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बंद की गई इंटरनेट सेवा अब फिर से बहाल कर दी गई है। गृह विभाग की सहमति मिलने के बाद जिलाधिकारी गौरव कुमार ने इंटरनेट सेवा बहाल करने का निर्णय लिया। इंटरनेट सेवा बंद किए जाने के बाद लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा कर यह कदम उठाया।

इससे पहले शुक्रवार शाम को जिला प्रशासन की ओर से एक सूचना जारी की गई थी, जिसमें बताया गया था कि अनिवार्य कारणों से मुजफ्फरपुर नगर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवा को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है। आदेश के अनुसार, यह रोक 26 जुलाई रविवार सुबह 10 बजे तक प्रभावी रहने वाली थी। हालांकि बाद में परिस्थितियों की समीक्षा के बाद तय समय से पहले ही इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई।

प्रशासन के इस फैसले से शहरी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। इंटरनेट सेवा बंद रहने के कारण ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल सेवाओं, कामकाज और छात्रों की ऑनलाइन गतिविधियों पर असर पड़ रहा था। इंटरनेट बहाल होने के बाद आम लोगों, व्यापारियों और संस्थानों को अपनी नियमित डिजिटल सेवाओं का दोबारा उपयोग करने में सुविधा होगी।

जिला प्रशासन के अनुसार, इंटरनेट सेवा बंद करने का निर्णय कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के उद्देश्य से लिया गया था। प्रशासन का कहना था कि किसी भी बड़े आयोजन, विरोध प्रदर्शन या संवेदनशील स्थिति के दौरान अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकना जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम के रूप में इंटरनेट सेवा पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। केवल मुजफ्फरपुर नगर क्षेत्र और आसपास के संवेदनशील इलाकों में ही यह व्यवस्था लागू की गई थी। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद इंटरनेट सेवा बहाल करने का फैसला लिया।

बिहार बंद के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी और अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन का उद्देश्य था कि किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था प्रभावित न हो और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

इंटरनेट सेवा बंद किए जाने के फैसले को लेकर लोगों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया, जबकि कई लोगों ने कहा कि लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने से रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। खासकर ऑनलाइन लेनदेन, व्यवसाय और आवश्यक डिजिटल सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ता है।

व्यापारियों का कहना था कि वर्तमान समय में इंटरनेट सेवाएं कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन ऑर्डर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां इंटरनेट पर निर्भर हैं। ऐसे में सेवा बंद होने से छोटे कारोबारियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

छात्रों और युवाओं ने भी इंटरनेट सेवा बंद होने से परेशानी की बात कही। ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और जरूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए इंटरनेट की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि प्रशासन द्वारा जल्द सेवा बहाल किए जाने के बाद लोगों ने राहत महसूस की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से गलत जानकारी फैलने की संभावना रहती है, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए नागरिकों को जिम्मेदारी से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना चाहिए।

मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं और स्थिति सामान्य होने पर प्रतिबंधों को हटाया जाता है।

फिलहाल शहरी क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा सामान्य रूप से शुरू हो गई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि अब सामान्य गतिविधियां पूरी तरह सुचारु रूप से चल सकेंगी।

Tags:    

Similar News