बगहा। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अमृत भारत एक्सप्रेस से संदिग्ध चाइनीज लहसुन की बड़ी खेप बरामद की है। ट्रेन के जनरल कोच में लावारिस हालत में रखी गई 12 बोरियों में लहसुन मिला है। बरामद लहसुन की अनुमानित कीमत करीब 56 हजार रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि लहसुन की यह खेप नेपाल के रास्ते भारत लाई गई थी और इसे दूसरे राज्यों में भेजने की तैयारी थी। हालांकि, अभी तक इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मंगलवार सुबह करीब 11 बजे की गई। बगहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 15567 अमृत भारत एक्सप्रेस के जनरल कोच की जांच के दौरान आरपीएफ जवानों की नजर संदिग्ध बोरियों पर पड़ी। जांच करने पर इनमें लहसुन भरा हुआ मिला। जवानों ने आसपास मौजूद यात्रियों से बोरियों के मालिक के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी भी यात्री ने इन पर अपना दावा नहीं किया। इसके बाद आरपीएफ ने सभी 12 बोरियों को अपने कब्जे में ले लिया।
नरकटियागंज से मिली सूचना के बाद हुई कार्रवाई
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी इंद्रजीत सिंह के अनुसार, नरकटियागंज आरपीएफ पोस्ट कमांडर से सूचना मिलने के बाद अमृत भारत एक्सप्रेस की जांच की गई थी। सूचना के आधार पर बगहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के जनरल कोच की तलाशी ली गई। इसी दौरान लहसुन से भरी 12 बोरियां लावारिस हालत में बरामद हुईं।
रेलवे सुरक्षा बल की इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जनरल कोच में रखी बोरियों के संबंध में कोई भी यात्री सामने नहीं आया। बोरियां ट्रेन में किस स्टेशन से रखी गई थीं और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। आरपीएफ इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
56 हजार रुपये आंकी गई लहसुन की कीमत
बरामद लहसुन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 56 हजार रुपये बताई गई है। सभी 12 बोरियां ट्रेन के जनरल कोच से मिली हैं। फिलहाल इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है कि बोरियों में कुल कितने किलोग्राम लहसुन रखा गया था।
आरपीएफ की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी मात्रा में लहसुन ट्रेन के जनरल कोच तक कैसे पहुंचा। साथ ही इस खेप को भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की पहचान भी जांच का विषय है।
लावारिस हालत में सामान मिलने के कारण फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इसे किसी व्यापारी ने भेजा था या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति शामिल है। आरपीएफ ने बरामदगी के संबंध में जांच शुरू कर दी है।
नेपाल के रास्ते लहसुन लाए जाने की आशंका
मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू नेपाल के रास्ते संदिग्ध चाइनीज लहसुन लाए जाने की आशंका है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संभावना जताई जा रही है कि लहसुन की यह खेप नेपाल के रास्ते भारतीय क्षेत्र में लाई गई और इसके बाद ट्रेन के माध्यम से दूसरे राज्यों में भेजी जा रही थी।
हालांकि, बरामद लहसुन वास्तव में चीन से आया था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसी तरह इसके नेपाल के रास्ते भारत पहुंचने और दूसरे राज्यों में भेजे जाने की बात भी जांच के दायरे में है।
जांच पूरी होने के बाद ही लहसुन की उत्पत्ति, परिवहन और संभावित गंतव्य के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जनरल कोच में लावारिस मिलीं सभी बोरियां
ट्रेन के जनरल कोच में लावारिस सामान मिलना जांच का अहम विषय है। आरपीएफ के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि 12 बोरियां किस व्यक्ति ने ट्रेन में रखीं और उनका वास्तविक मालिक कौन है। यात्रियों द्वारा सामान पर दावा नहीं किए जाने से फिलहाल इस खेप के मालिक का पता नहीं चल पाया है।
रेलवे सुरक्षा बल को यह भी पता लगाना है कि लहसुन को बगहा से पहले किसी स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ाया गया था या नहीं। बोरियों के मालिक का पता चलने के बाद ही उनके परिवहन से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बगहा से होकर गुजरती है अमृत भारत एक्सप्रेस
ट्रेन संख्या 15567 बापूधाम मोतिहारी से आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलती है। इसके निर्धारित ठहरावों में नरकटियागंज, हरिनगर और बगहा शामिल हैं। यह ट्रेन गोरखपुर होते हुए आगे जाती है।
ऐसे में जांच के दौरान रेलवे मार्ग की जानकारी भी उपयोगी हो सकती है। हालांकि, केवल ट्रेन के मार्ग के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि बरामद लहसुन कहां से लाया गया था या इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी इंद्रजीत सिंह के अनुसार, सूचना मिलने पर ट्रेन की जांच की गई थी, जिसमें संदिग्ध लहसुन की खेप मिली। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
बरामदगी के बाद यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि लहसुन की बोरियों का मालिक कौन है और इन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। साथ ही इनके आयात और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति भी स्पष्ट होना जरूरी है।
अभी किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में किसी संगठित तस्करी गिरोह की संलिप्तता भी स्थापित नहीं हुई है।
बगहा रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई से 56 हजार रुपये मूल्य के संदिग्ध लहसुन की खेप सामने आई है। अब जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि लहसुन का वास्तविक स्रोत क्या था और इसके परिवहन के पीछे कौन जिम्मेदार था।