पटना। बिहार में दुर्गा पूजा के त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। राजधानी पटना समेत राज्य के सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने 57 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की है। इनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 11 कंपनियां, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की 34 कंपनियां और दंगा निरोधी दस्ते की 12 कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा 16,624 प्रशिक्षित सिपाहियों और 5,100 होमगार्ड जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। पूजा पंडालों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, संवेदनशील इलाकों और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

सभी जिलों में तैनात की गईं 57 अतिरिक्त कंपनियां

बिहार पुलिस मुख्यालय ने दुर्गा पूजा के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यभर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। विशेष रूप से उन इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 57 अतिरिक्त कंपनियों में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 11, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की 34 और दंगा निरोधी दस्ते की 12 कंपनियां शामिल हैं।

इन बलों को स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की मौजूदगी से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

16 हजार से ज्यादा सिपाही और 5100 होमगार्ड तैनात

त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कंपनियों के साथ बड़ी संख्या में अन्य पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 16,624 बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त सिपाहियों और 5,100 होमगार्ड जवानों को विभिन्न जिलों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया है।

ये जवान पूजा पंडालों, प्रमुख चौराहों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्थानीय पुलिस के साथ ड्यूटी करेंगे।

इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाना और त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

पटना में विशेष सुरक्षा व्यवस्था

राजधानी पटना में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया है।

पटना पुलिस ने पूजा के दौरान करीब 450 अर्द्धसैनिक बल के जवानों की तैनाती की योजना बनाई है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस और अतिरिक्त बलों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जा रहा है।

पुलिस का विशेष ध्यान पूजा पंडालों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर रहेगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी निगरानी बढ़ाई गई है।

राजधानी में असामाजिक गतिविधियों, अवैध हथियारों और मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रतिमा विसर्जन जुलूसों पर रहेगी विशेष नजर

दुर्गा पूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं, जिससे यातायात और भीड़ नियंत्रण की चुनौती बढ़ जाती है।

बिहार पुलिस ने विसर्जन जुलूसों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है।

संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती के साथ पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जुलूस मार्गों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।

डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर सख्ती

दुर्गा पूजा के दौरान ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को रोकने के लिए डीजे तथा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी नियम लागू किए गए हैं।

प्रशासन ने आयोजन समितियों को निर्धारित शर्तों और ध्वनि संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

बिना अनुमति या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करके तेज आवाज में ध्वनि उपकरण बजाने पर कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस प्रशासन ने पूजा समितियों से शांति और सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी

राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

नालंदा जिले के बिहारशरीफ में भी दुर्गा पूजा के लिए व्यापक सुरक्षा तैयारियां की गई हैं। यहां पूजा पंडालों, प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों तथा बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के जवानों की तैनाती की व्यवस्था की गई है।

बिहारशरीफ में 615 पूजा समितियों ने लाइसेंस लिया है। प्रशासन ने पूजा पंडालों में अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित निकास और पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गया में 664 स्थानों पर सुरक्षा की तैयारी

गया जिले में भी दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां की हैं।

जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की संयुक्त ब्रीफिंग में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

जिले में कुल 664 स्थानों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों के लिए 739 वरीय दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति संबंधी व्यवस्था की गई है।

प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संभावित विवाद की स्थिति में समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

पूजा समितियों से प्रशासन ने मांगा सहयोग

दुर्गा पूजा के सफल आयोजन में पुलिस के साथ पूजा समितियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

आयोजकों को पंडालों में भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और श्रद्धालुओं के सुरक्षित प्रवेश एवं निकास का ध्यान रखने के लिए कहा गया है।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली जानकारी साझा करने से भी बचने की सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार का अनावश्यक तनाव पैदा न हो।

त्योहार के दौरान शांति बनाए रखना प्राथमिकता

बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राज्यभर में 57 अतिरिक्त कंपनियों, हजारों सिपाहियों और होमगार्ड जवानों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

पुलिस की कोशिश है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा पंडालों में दर्शन कर सकें और प्रतिमा विसर्जन के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।

इसके लिए स्थानीय पुलिस, अतिरिक्त सुरक्षा बलों और जिला प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

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