गया, बिहार: मंत्री जितन राम मांझी ने प्रशासन की निष्क्रियता पर उठाए सवाल
Bihar बिहार: केंद्रीय मंत्री और जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता जितन राम मांझी ने स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की सुरक्षा के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन गया में हालिया घटनाओं ने इस भरोसे को चुनौती दी है। मंत्री ने रविवार को कहा, "जो भी घटना हुई, इस लोकतंत्र में जिस तरह से लोगों को सुरक्षित रखने का दावा किया जाता है, वह आज दिखाया गया। यहाँ प्रशासन बेकार और पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है। आज कोई कार्रवाई नहीं की गई।"
उन्होंने पिछले मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि जोंटी देवी के साथ हुई घटना में भी प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। मंत्री ने बताया कि उस समय जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कुछ नहीं हुआ, जबकि जोंटी देवी घायल हो गई थीं। यह बयान प्रशासन की उदासीनता और कानून व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है।
मांझी ने कहा कि प्रशासन का यह रवैया लोगों में असुरक्षा और अविश्वास पैदा कर रहा है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने, समय पर कार्रवाई करने और सभी मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की। मंत्री ने यह भी जोर दिया कि लोकतंत्र में सरकार और प्रशासन का मुख्य कर्तव्य नागरिकों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे को लेकर मंत्री जितन राम मांझी ने कहा कि राज्य सरकार को सतर्क रहकर ऐसे मामलों में त्वरित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे प्रशासन को अपनी शिकायतों और सुरक्षा से संबंधित जानकारी दें, ताकि समय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, मंत्री के इस बयान से स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है और राज्य सरकार को सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मामलों में सतर्कता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। गया जिले में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दों पर यह बयान गंभीर संकेत देता है।