बिहार: रोहतास जिले में शादी कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। डालमियानगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी शादी कराने के आरोप में दुल्हन, उसकी बहन, मां और एक बिचौलिए समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह शादी के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये की ठगी करता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मध्य प्रदेश से शादी करने आए एक युवक के परिवार को दुल्हन और उसके सहयोगियों की गतिविधियों पर शक हुआ। शादी के तुरंत बाद दुल्हन और उसके साथ मौजूद लोग डेहरी रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पकड़कर फरार होने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पीड़ित पक्ष ने उनका पीछा किया और इसकी सूचना पुलिस को दे दी।
सूचना मिलते ही रोहतास पुलिस सक्रिय हो गई। एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्यकाम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने डेहरी रेलवे स्टेशन पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस ने दुल्हन समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, इस गिरोह में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
एसडीपीओ सत्यकाम ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से आए एक युवक के साथ शादी के नाम पर ठगी की गई है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के रहने वाले पीड़ित कारूलाल कलार ने बताया कि उनके बेटे की शादी कराने के लिए बिचौलियों ने संपर्क किया था। शादी के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की मांग की गई थी। परिवार ने भरोसा कर 1.40 लाख रुपये एडवांस के रूप में पहले ही दे दिए थे।
इसके बाद तय प्रक्रिया के अनुसार शादी कराई गई, लेकिन विवाह के तुरंत बाद दुल्हन और उसके सहयोगियों ने भागने की कोशिश शुरू कर दी। इसी दौरान परिवार को शक हुआ और पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित परिवार ने पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू राठौर निवासी रतलाम, मध्य प्रदेश, रूबी उर्फ अनीषा कुमारी निवासी महरौत, थाना दिनारा, रोहतास, अनीता कुमारी निवासी महरौत, थाना दिनारा, रोहतास और गीता देवी निवासी बारूण बाजार, जिला औरंगाबाद के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह शादी कराने के नाम पर लोगों से संपर्क करता था और फिर शादी के बदले मोटी रकम वसूलता था। शादी के बाद मौका मिलते ही आरोपी दुल्हन को लेकर फरार होने की कोशिश करते थे। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके पुराने मामलों की जांच कर रही है।
इस मामले में पीड़ित के आवेदन के आधार पर डालमियानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान डालमियानगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन, पुलिस अवर निरीक्षक दिवाकर कुमार, रुपम कुमारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद गिरोह से जुड़े अन्य खुलासे भी सामने आ सकते हैं।
शादी जैसे सामाजिक रिश्ते को आधार बनाकर ठगी करने वाले इस गिरोह के खुलासे के बाद पुलिस लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही है। पुलिस ने कहा है कि शादी तय करने से पहले परिवारों को पूरी जानकारी की जांच करनी चाहिए, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।