Bihar: नवादा जिले में अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हिसुआ थाना क्षेत्र के चितरघटी गांव में संचालित एक अवैध आरा मिल को विभाग ने छापेमारी के बाद सील कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में लकड़ी, काष्ठ सामग्री, चीरने वाली मशीनें और अन्य उपकरण जब्त किए गए। छापेमारी की सूचना मिलते ही मिल संचालक मौके से फरार हो गया। यह कार्रवाई सिरदला वन प्रमंडल की टीम ने रेंज ऑफिसर वरजेंद्र कुमार के नेतृत्व में की। विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि चितरघटी गांव में बिना किसी वैध लाइसेंस के आरा मिल चलाकर अवैध रूप से लकड़ी का भंडारण और चिराई की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद वन विभाग की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान कौआकोल के रेंज ऑफिसर सौरभ शांडिल्य, मंझवे के फॉरेस्ट ऑफिसर जितेंद्र कुमार सहित वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। हिसुआ थाना पुलिस की भी इस कार्रवाई में सक्रिय भूमिका रही और पुलिस की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई। तलाशी के दौरान आरा मिल परिसर से कई मशीनें और अवैध लकड़ी का स्टॉक बरामद हुआ। इसके बाद पूरे परिसर को सील कर दिया गया और जब्त सामग्री को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया। विभाग ने भारतीय वन अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई वन संपदा की सुरक्षा के लिए की गई है और इस तरह के अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। रेंज ऑफिसर वरजेंद्र कुमार ने कहा कि अवैध लकड़ी कटाई, तस्करी और बिना लाइसेंस चल रही आरा मिलों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग का मानना है कि ऐसे अभियानों से वन अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।