दरभंगा। खरीफ सीजन में मौसम की मार या अन्य कारणों से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। अब फसल क्षति होने पर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए किसानों को अपनी जेब से कोई प्रीमियम राशि जमा नहीं करनी होगी।
कृषि विभाग ने खरीफ मौसम के लिए विभाग सहायता योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों या अन्य कारणों से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा देना है।
31 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन
कृषि विभाग के अनुसार, इच्छुक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद फसल क्षति का आकलन किया जाएगा। नुकसान के आधार पर सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
योजना के तहत किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर तक की जमीन के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
नुकसान के आधार पर मिलेगी राशि
योजना में फसल नुकसान की स्थिति के अनुसार सहायता राशि तय की गई है।
यदि वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की क्षति होती है तो किसानों को 7500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
वहीं, अगर फसल की क्षति 20 प्रतिशत से अधिक होती है तो किसानों को 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल तक सीमित होगी।
किसानों को नहीं देना होगा प्रीमियम
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को इसके लिए कोई प्रीमियम राशि जमा नहीं करनी होगी।
किसानों को अपनी जेब से एक रुपये भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। सरकार की ओर से ही सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
इससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है, जो अक्सर मौसम की मार के कारण आर्थिक संकट का सामना करते हैं।
मौसम की मार से बढ़ती है परेशानी
कृषि क्षेत्र में मौसम सबसे बड़ा जोखिम माना जाता है। बारिश की कमी, अत्यधिक बारिश, आंधी, तूफान और अन्य प्राकृतिक कारणों से हर साल बड़ी संख्या में किसानों की फसल प्रभावित होती है।
ऐसे हालात में किसानों को बीज, खाद और खेती पर किए गए खर्च का नुकसान उठाना पड़ता है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य फसल नुकसान के बाद किसानों को आर्थिक सहायता देकर उनकी परेशानी को कम करना है।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी सहायता
कृषि विभाग ने बताया कि पात्र किसानों को मिलने वाली सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसानों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
विभाग की ओर से किसानों को समय पर आवेदन करने की अपील की गई है, ताकि वे योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
किसानों को दस्तावेज तैयार रखने की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार रखने को कहा है।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान किसानों को अपनी खेती और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी देनी होगी।
विभाग का कहना है कि सही जानकारी के आधार पर ही सहायता राशि का निर्धारण किया जाएगा।
छोटे किसानों को मिलेगा फायदा
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सहायता योजनाएं छोटे और सीमांत किसानों के लिए काफी मददगार साबित होती हैं।
कई किसान खेती पर पूरी तरह निर्भर होते हैं और फसल खराब होने पर उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो जाती है।
ऐसे में सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता उन्हें अगले सीजन की खेती शुरू करने में मदद कर सकती है।
सरकार का लक्ष्य किसानों को राहत देना
सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चला रही है।
फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय सीमा के अंदर आवेदन करें और योजना का लाभ उठाएं।
खरीफ फसल के लिए शुरू की गई यह सहायता योजना मौसम की मार झेलने वाले किसानों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन सकती है।