पटना जंक्शन पर जाली नोटों से ठगी

Update: 2026-06-27 11:40 GMT

पटना: बिहार की राजधानी पटना के सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशन 'पटना जंक्शन' पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेल पुलिस ने एक बड़ी और कामयाबी भरी कार्रवाई की है। जीआरपी (राजकीय रेल पुलिस) ने पटना जंक्शन पर जाली नोटों का बंडल दिखाकर और झांसा देकर यात्रियों से उनके कीमती मोबाइल फोन व एटीएम कार्ड ठगने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रंगे हाथ कार्रवाई करते हुए दिल्ली के रहने वाले गिरोह के मुख्य सरगना समेत कुल छह शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से विभिन्न कंपनियों के छह चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।

प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रंगे हाथ पकड़े गए बदमाश

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर अंजाम दी गई। गिरोह के सभी सदस्य प्लेटफॉर्म पर एक सीधे-साधे यात्री को अपना शिकार बना रहे थे। आरोपियों ने यात्री को जाली नोटों का एक बड़ा बंडल दिखाया और उसे किसी झांसे में लेकर उसका मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड उड़ा लिया। जैसे ही आरोपी सामान लेकर भागने की फिराक में थे, पीड़ित यात्री ने शोर मचा दिया। प्लेटफॉर्म पर मुस्तैद रेल पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और खदेड़कर सभी छह आरोपियों को दबोच लिया।

दिल्ली से लेकर बिहार के विभिन्न जिलों के अपराधी शामिल

पटना जंक्शन जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर हैं और यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

प्रेम सिंह (मुख्य सरगना, निवासी: दिल्ली)

शेरू सिद्दिकी (निवासी: खगड़िया, बिहार)

कृष (निवासी: सीतामढ़ी, बिहार)

मो. अकबर (निवासी: कमला नेहरू नगर, पटना)

मो. सैफी (निवासी: गुलजारबाग, पटना)

रंजन कुमार (निवासी: राजाबाजार, पटना)

पुलिस ने जब इन सभी की तलाशी ली, तो इनके पास से छह महंगे स्मार्टफोन बरामद हुए। बरामदगी के वक्त सभी मोबाइल फोन स्विच ऑफ (बंद) थे। जब पुलिस ने आरोपियों से उन मोबाइलों का लॉक खोलने को कहा, तो वे बहाने बनाने लगे और लॉक नहीं खोल पाए। कड़ाई से पूछताछ करने पर यह साफ हो गया कि ये सभी मोबाइल अलग-अलग यात्रियों से चोरी या ठगी किए गए थे।

भोले-भाले यात्रियों को ऐसे बनाते थे शिकार, बैंक खाते कर देते थे साफ

रेल पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने काले कारनामों और ठगी के तौर-तरीकों (मोडस ऑपरेंडी) का सनसनीखेज खुलासा किया। आरोपियों ने कुबूल किया कि उनका यह गिरोह मुख्य रूप से पटना जंक्शन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों और प्रतीक्षालयों में सक्रिय रहता था। वे ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे जो सीधे-साधे दिखते थे या जिन्हें ट्रेन पकड़ने की जल्दी होती थी। आरोपी सबसे पहले यात्री को झांसा देते थे कि वे उन्हें कम पैसों में उनके गंतव्य (मंजिल) तक पहुंचा देंगे या फिर उन्हें कागज की गड्डी पर असली नोट ऊपर-नीचे लगाकर जाली नोटों का एक बंडल दिखाते थे। इसी नोटों के बंडल का लालच या रौब दिखाकर वे यात्रियों को बातों में फंसाते थे और उनका मोबाइल फोन व एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। एटीएम कार्ड हाथ में आते ही ये शातिर अपराधी किसी न किसी बहाने से उसका पिन (PIN) नंबर भी पता कर लेते थे। इसके बाद, मोबाइल और एटीएम की मदद से वे पलक झपकते ही पीड़ित यात्री के बैंक खाते से सारे रुपये उड़ा लेते थे।

जेल भेजे गए आरोपी, अन्य साथियों की तलाश जारी

जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह में शामिल अपने कई अन्य साथियों और ठगी के माल को ठिकाने लगाने वाले रिसीवरों के नामों का भी खुलासा किया है। इनपुट के आधार पर रेल पुलिस की विशेष टीमें शहर और राज्य के विभिन्न ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे स्टेशन परिसर में किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और अपने कीमती सामान व एटीएम कार्ड की सुरक्षा स्वयं करें।

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