पटना: बिहार के पटना जिले में रविवार, 25 अक्टूबर की सुबह पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के कल्याण बीघा रोड पर हुई इस घटना में सौरभ सिंह के पैर में गोली लगी। पुलिस उसे गैराज संचालक अंजनी नंदन कुमार की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी बता रही है। घायल सौरभ को पहले नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगे के इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। मामले में स्थानीय पुलिस और विशेष जांच इकाई की टीम कार्रवाई कर रही है। 
पुलिस के हवाले से सामने आए विवरण के अनुसार, सौरभ के अपने साथियों के साथ क्षेत्र में आने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने कल्याण बीघा रोड पर निगरानी और घेराबंदी की। टीम ने संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो वे भागने लगे। पुलिस का दावा है कि पीछा किए जाने पर आरोपियों की ओर से गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई के दौरान सौरभ घायल हो गया और उसे पकड़ लिया गया। मुठभेड़ के पूरे घटनाक्रम से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। 
घायल आरोपी की उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है। वह पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के कंकड़बाग इलाके का रहने वाला है। शुरुआती रिपोर्टों में सौरभ के साथ दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इनके बीच संबंध और अंजनी हत्याकांड में कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। किसी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। 
घटनास्थल से हथियार और कारतूस बरामद होने की जानकारी भी मिली है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में बरामदगी की संख्या अलग-अलग बताई गई है। एक विवरण में दो पिस्टल और करीब 13 कारतूस का उल्लेख है, जबकि दूसरे में पांच पिस्टल तथा 50 से अधिक कारतूस बताए गए हैं। ऐसे में बरामद सामान की निश्चित संख्या आधिकारिक जब्ती सूची से स्पष्ट होगी। उपलब्ध जानकारी के आधार पर हथियारों की बरामदगी की पुष्टि सामने आई है, लेकिन दोनों आंकड़ों को एक साथ अंतिम नहीं माना जा सकता। 
मुठभेड़ के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम गोलीबारी और बरामद हथियारों से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। ऐसे मामलों में घटनास्थल से प्राप्त सामग्री का परीक्षण घटनाक्रम समझने में महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल कितनी गोलियां चलीं, किस हथियार का इस्तेमाल हुआ और गोलीबारी का क्रम क्या रहा, इसका विस्तृत आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है। इन बिंदुओं पर जांच पूरी होने के बाद अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
जिस हत्याकांड में सौरभ की तलाश की जा रही थी, वह सितंबर में रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में हुआ था। गैराज संचालक अंजनी नंदन कुमार पर रात में हमला किया गया था। उस समय वह काम खत्म कर घर लौटने की तैयारी में थे। हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में उनकी मौत हो गई। रविवार की मुठभेड़ को पुलिस इसी मामले के आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई से जोड़ रही है। सितंबर में सामने आई जानकारी के अनुसार, अंजनी ने रात करीब साढ़े नौ बजे अपना गैराज बंद किया था। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। पुलिस ने उस समय अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामले की जांच शुरू की थी। गैराज बंद करने के समय हुए हमले के कारण उनकी दिनचर्या और घटनास्थल पर हमलावरों की मौजूदगी जैसे पहलू जांच के लिए महत्वपूर्ण बने। अब आरोपी की गिरफ्तारी से उस वारदात के घटनाक्रम पर पूछताछ का रास्ता खुला है। 
हत्याकांड में सुपारी लेकर हमला करने का आरोप भी सामने आया है। शुरुआती रिपोर्टों में एक बिल्डर से 20 लाख रुपये की सुपारी लेने की बात कही गई है। हालांकि, इस कथित सौदे, भुगतान और साजिश में शामिल लोगों की भूमिका पर जांच का निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी है। केवल इस आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति की संलिप्तता को अंतिम नहीं माना जा सकता। पुलिस को संबंधित दावों की पुष्टि दस्तावेजों, गवाहों और अन्य साक्ष्यों से करनी होगी।  मामले में अब दो घटनाक्रमों की जांच महत्वपूर्ण है। पहला, गैराज संचालक पर हुए हमले की साजिश और उसमें आरोपियों की कथित भूमिका। दूसरा, रविवार सुबह हुई मुठभेड़ का क्रम तथा मौके से बरामद सामग्री। दोनों से जुड़े साक्ष्यों के मिलान से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। घायल आरोपी की चिकित्सकीय स्थिति का विस्तृत बुलेटिन उपलब्ध नहीं है। फिलहाल उसके उपचार और मामले की जांच की जानकारी सामने आई है।
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