भोजपुर जिले: बेलौटी गांव में शनिवार को उस समय राजनीतिक हलचल देखने को मिली जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और हरियाणा के बादली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलने पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और घटना को लेकर जानकारी ली। परिजनों से बातचीत के दौरान अजय राय और कुलदीप वत्स ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में कांग्रेस पार्टी परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। नेताओं ने यह भी भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों ने घटना को लेकर अपनी बात रखी और न्याय की मांग की। इस दौरान वहां मौजूद कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले को गंभीरता से सुनने के बाद निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर अजय राय ने कहा कि अगर किसी भी पुलिसकर्मी की भूमिका इस घटना में सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को लगातार उठाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।
हरियाणा के विधायक कुलदीप वत्स ने भी परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की और आश्वासन दिया कि न्याय की लड़ाई में आने वाले सभी खर्चों में वे सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों को जिले से बाहर रखा जाए, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो सके। नेताओं ने यह भी बताया कि वे इस मामले को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। कुलदीप वत्स ने कहा कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी तक इस पूरे मामले की जानकारी पहुंचाएंगे और यदि राहुल गांधी बिहार दौरे पर आते हैं तो पीड़ित परिवार से मुलाकात कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान कांग्रेस के कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। इनमें बक्सर के पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी, भोजपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन, युवा जिलाध्यक्ष डॉ. भानु प्रताप सिंह, राजेश तिवारी ‘टपु’, राकेश त्रिपाठी, अरुण ओझा, साकेत तिवारी और गोलू तिवारी सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे। परिवार से मुलाकात के बाद नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी जांच पारदर्शी तरीके से होना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जांच प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या गलत कार्रवाई सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।