लखीमपुर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पसगवां थाना क्षेत्र के मुल्लापुर गांव के पास गोमती नदी की बाढ़ के तेज बहाव में स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक निजी बोलेरो बह गई। वाहन में पांच बच्चे सवार थे। अचानक गाड़ी के पानी में बहने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि चालक की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता के कारण सभी पांच बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना शनिवार सुबह उस समय हुई, जब निजी बोलेरो बच्चों को लेकर जा रही थी। मुल्लापुर गांव के पास गोमती नदी की बाढ़ का पानी तेज बहाव के साथ रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान बच्चों को लेकर जा रही बोलेरो पानी के बहाव की चपेट में आ गई।
पानी का दबाव इतना अधिक था कि चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और बोलेरो बहने लगी। गाड़ी के अंदर स्कूली बच्चे मौजूद थे। वाहन को पानी में बहता देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल सक्रिय हो गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक ने भी सूझबूझ दिखाई। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कुछ ही समय में वाहन में सवार सभी पांच बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सभी बच्चों के सुरक्षित बाहर आने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। अगर समय रहते मदद नहीं मिलती तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। तेज बहाव के बीच बच्चों को बचाना आसान नहीं था, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता और चालक की समझदारी के कारण बड़ी अनहोनी टल गई।
गोमती नदी में आई बाढ़ के कारण आसपास के इलाकों में पानी का बहाव तेज है। ऐसे में नदी के नजदीक और जलभराव वाले रास्तों से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। मुल्लापुर गांव के पास भी पानी के तेज बहाव ने सामान्य आवागमन को प्रभावित किया है।
स्कूली बच्चों को लेकर जा रही बोलेरो जैसे ही पानी वाले हिस्से में पहुंची, हालात अचानक बिगड़ गए। बहाव के दबाव में वाहन आगे बढ़ने के बजाय पानी के साथ बहने लगा। वाहन में बैठे बच्चों के लिए यह बेहद डरावना पल था।
ग्रामीणों की नजर जैसे ही बहती हुई गाड़ी पर पड़ी, उन्होंने तुरंत मदद के लिए प्रयास शुरू कर दिया। बच्चों को सुरक्षित निकालना पहली प्राथमिकता थी। चालक ने भी घबराने के बजाय बच्चों को बचाने में सहयोग किया। सामूहिक प्रयास के कारण पांचों बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
घटना के बाद एक बार फिर बाढ़ प्रभावित इलाकों में वाहनों की आवाजाही को लेकर सावधानी की जरूरत सामने आई है। पानी से भरी सड़क पर बहाव की वास्तविक ताकत का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। कई बार ऊपर से पानी कम दिखाई देता है, लेकिन उसका बहाव वाहन को असंतुलित करने के लिए पर्याप्त होता है।
इस घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी बच्चे की जान नहीं गई। गाड़ी के बहने के बावजूद सभी पांच बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया। हादसे के समय ग्रामीण मौके पर मौजूद थे, जिससे बचाव कार्य तत्काल शुरू हो सका।
स्थानीय स्तर पर इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। बाढ़ और तेज बहाव वाले रास्तों से स्कूल वाहनों का संचालन बेहद सावधानी से किए जाने की जरूरत है। खासकर ऐसे रास्तों पर जहां नदी या नाले का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा हो, वहां वाहन निकालने का प्रयास गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
मुल्लापुर गांव के पास हुई घटना ने यह भी दिखाया कि आपात स्थिति में स्थानीय लोगों की तत्काल मदद कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। ग्रामीणों ने समय गंवाए बिना बच्चों को बचाने की कोशिश की और सभी को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।
घटना के दौरान चालक की सूझबूझ भी महत्वपूर्ण रही। अचानक वाहन के तेज बहाव में फंसने के बाद घबराहट स्थिति को और गंभीर बना सकती थी। चालक ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बच्चों को बाहर निकालने में मदद की।
पांच बच्चों को सुरक्षित निकाल लिए जाने के बाद सबसे बड़ा खतरा टल गया। बच्चों के परिवारों के लिए भी यह खबर राहत देने वाली रही। कुछ समय के लिए हालात बेहद गंभीर हो गए थे, क्योंकि गाड़ी पानी के बहाव के साथ बह रही थी।
बाढ़ के दौरान नदियों और नालों के आसपास स्थित रास्तों पर पानी की स्थिति तेजी से बदल सकती है। कुछ ही समय में जलस्तर बढ़ने और बहाव तेज होने से सामान्य दिखने वाला रास्ता भी खतरनाक हो सकता है। ऐसे में स्कूल वाहनों सहित अन्य वाहनों के चालकों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पसगवां थाना क्षेत्र के मुल्लापुर गांव के पास हुआ यह हादसा बड़ा सबक भी है। वाहन में पांच स्कूली बच्चे सवार होने के कारण जोखिम काफी अधिक था। यदि बोलेरो पानी में और आगे बह जाती या बचाव में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी इसकी चर्चा रही। बच्चों से भरी गाड़ी को पानी में बहते देखकर लोगों ने जिस तेजी से प्रतिक्रिया दी, उसी के कारण समय रहते बचाव संभव हो सका।
फिलहाल सबसे राहत की बात यही है कि पांचों बच्चे सुरक्षित हैं। गोमती नदी की बाढ़ के तेज बहाव में निजी बोलेरो के बह जाने के बावजूद चालक और ग्रामीणों ने मिलकर बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
लखीमपुर के मुल्लापुर गांव के पास शनिवार सुबह हुई यह घटना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी की जरूरत को भी रेखांकित करती है। तेज बहाव के बीच वाहन निकालने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। इस मामले में समय पर मिली मदद के कारण पांच स्कूली बच्चों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
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