भाजपा विधायक दल की बैठक: पटना में मंत्री दिलीप जैसवाल के आवास पर चर्चा जारी

Update: 2026-02-02 16:20 GMT
Bihar बिहार: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक दल की बैठक सोमवार को पटना में मंत्री दिलीप जैसवाल के आधिकारिक आवास पर आयोजित की गई। बैठक में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता बीरेन सिंह के अलावा भाजपा के केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता भी मौजूद हैं। बैठक का उद्देश्य मणिपुर में नए मुख्यमंत्री के चुनाव की प्रक्रिया और पार्टी के विधायकों के मध्य रणनीति पर चर्चा करना है। इस बैठक में मणिपुर भाजपा के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पार्टी के राज्य अध्यक्ष संजय सराओगी भी उपस्थित हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य के विधानसभा दल के नेता के चयन के साथ-साथ नए सरकार गठन को लेकर केंद्रीय नेतृत्व की दिशा-निर्देशों पर चर्चा की जा रही है।
भाजपा संसदीय बोर्ड ने पहले ही केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को नियुक्त किया है, जो बैठक में सभी विधायकों की भागीदारी और मतदान प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। बैठक के दौरान केंद्रीय नेतृत्व मणिपुर में पार्टी और एनडीए सहयोगी दलों के विधायकों से भी मुलाकात कर राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कई विधायक पहले ही नई दिल्ली पहुंच चुके हैं, ताकि बैठक में भाग लेकर सरकार गठन प्रक्रिया में योगदान दे सकें। पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी भी बैठक में शामिल होकर विधायकों के साथ संवाद कर रहे हैं।
शारदा देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक का उद्देश्य राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करना है और उम्मीद है कि सरकार गठन को लेकर सकारात्मक परिणाम निकलेंगे। वहीं, बीरेन सिंह ने कहा कि सभी एनडीए सहयोगी दलों के विधायकों को बैठक में आमंत्रित किया गया है और यह बैठक एक संरचित और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए है। मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफे और राज्य में हुई जातीय हिंसा के चलते लगाया गया था। 
60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, लेकिन वर्तमान में इसे निलंबित रखा गया है। राष्ट्रपति शासन 12 फरवरी को समाप्त होने वाला है। भाजपा विधायक दल की इस बैठक को राज्य में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और नई सरकार गठन प्रक्रिया को तेज करने के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में मणिपुर भाजपा के नेतृत्व और केंद्रीय पर्यवेक्षक के मार्गदर्शन में विधायकों द्वारा नए मुख्यमंत्री के चयन की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
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