Bihar Weather :21 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, कोसी ने तोड़ा 57 साल पुराना रिकॉर्ड
Bihar Weather : राज्य के मौसम में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून की बारिश लगभग थम सी गई है, हालाँकि बुधवार को राजधानी पटना के कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। फ़िलहाल तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन 10 अक्टूबर (10 अक्टूबर मौसम अपडेट) से इसमें गिरावट आने की उम्मीद है। सुबह और शाम को हल्की ठंड और शीतलहर का एहसास हो रहा है।
गुरुवार को पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण जिलों में बारिश की संभावना नहीं है, जबकि अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 अक्टूबर से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। 11 अक्टूबर से पूरे राज्य में बारिश पूरी तरह से बंद हो जाएगी और बिहार से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके बाद पूरे राज्य में मौसम शुष्क और सुहावना बना रहेगा। 15 साल बाद अक्टूबर में उफान पर नदियाँ
अक्टूबर महीने में नदियों के जलस्तर में वृद्धि ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। आंकड़े बताते हैं कि 15 साल बाद राज्य की 21 नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नेपाल और पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है।
कोसी नदी ने इस साल जलस्तर का नया रिकॉर्ड बनाया है। 5 अक्टूबर को इसमें 5.33 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया, जो पिछले 57 सालों में दूसरा सबसे ज़्यादा जलस्तर है।
1968 में इसी दिन कोसी नदी में 7.88 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था, जबकि पिछले साल यह आँकड़ा 6.61 लाख क्यूसेक तक पहुँच गया था। बागमती नदी का जलस्तर भी इस साल अपना दूसरा सबसे ज़्यादा दर्ज किया गया।
मानसून की विदाई, लेकिन जल संकट नहीं (बिहार में मानसून का अंत)
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अब से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। इसके बाद दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड रहेगी। अक्टूबर के मध्य तक राज्य में शुष्क मौसम की स्थिति पूरी तरह से स्थापित हो जाएगी।