Patna पटना। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी के हालिया बयान को लेकर बिहार की राजनीति गर्मा गई है। राज्य सरकार में मंत्री नितिन नबीन ने रविवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए मदनी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देश की सामाजिक सौहार्द्र और शांति को प्रभावित करने वाले हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि मौलाना मदनी जैसे लोग लगातार देश को बांटने की कोशिश करते हैं।
नितिन नबीन ने कहा, “ये वे लोग हैं जो लगातार देश को बांटने का काम करते हैं। भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में है जहां हिंदू और मुसलमान इतने लंबे समय से शांति से रहते आए हैं। यहां की गंगा-जमुनी तहजीब दुनिया के लिए मिसाल है।” उन्होंने आगे कहा कि देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने का हर प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार किसी भी ऐसे व्यक्ति या संगठन को बख्शने वाली नहीं है, जो समाज में नफरत फैलाने की कोशिश करे। उन्होंने कहा, “यहां की शांति भंग करने की कोशिश मत कीजिए। अगर किसी ने भी कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किया तो उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।” नितिन नबीन के अनुसार राज्य सरकार सामाजिक सौहार्द्र को लेकर अत्यंत संवेदनशील है और ऐसे बयानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई राजनीतिक दल ऐसे विवादित बयानों पर चुप्पी साध लेते हैं, जिससे कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा मिलता है। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी समुदायों की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने या समाज में तनाव फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के बयान ने बिहार समेत राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। उनके बयान की राजनीतिक व्याख्या करते हुए कई नेता इसे समुदायों के बीच खाई पैदा करने की कोशिश बता रहे हैं, वहीं मुस्लिम संगठनों का कहना है कि मौलाना मदनी ने सिर्फ ऐतिहासिक तथ्यों पर बात की है। इस विवाद के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और तेज़ हो गई है। प्रशासन ने भी संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति न पैदा हो।