Bihar : मुख्यमंत्री ने बेली ब्रिज और वैकल्पिक व्यवस्था का किया निरीक्षण
Bihar बिहार: भागलपुर में गंगा नदी के दोनों तटों को जोड़ने वाली विक्रमशिला सेतु को क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। इस महत्वपूर्ण पुल पर बढ़ते दबाव और यातायात समस्याओं को देखते हुए सरकार ने इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में रविवार को मुख्यमंत्री ने सेतु पर चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन बेली ब्रिज और तैयार की जा रही वैकल्पिक यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि अस्थायी व्यवस्था के तहत जल्द से जल्द आवागमन बहाल किया जाए, ताकि आम लोगों को हो रही परेशानियों में कमी आ सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमशिला सेतु केवल एक सामान्य पुल नहीं है, बल्कि यह भागलपुर और कोसी-सीमांचल क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की धड़कन है। उन्होंने कहा कि इस पुल पर निर्भर लाखों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही, व्यापार और सेवाएं सीधे तौर पर इससे जुड़ी हुई हैं, इसलिए इसका सुचारू संचालन सरकार की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सेतु पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग और अस्थायी संरचना पर तेजी से काम किया जा रहा है। बेली ब्रिज के निर्माण से कुछ हद तक दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे मुख्य पुल पर ट्रैफिक का भार संतुलित हो सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी और सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में लोगों को लंबे समय तक जाम या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
स्थानीय प्रशासन और इंजीनियरिंग टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दिन-रात कार्य कर वैकल्पिक व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरी तरह से सक्रिय करें। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि आवागमन सुरक्षित रहे।
विक्रमशिला सेतु पर लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है। इस समस्या को देखते हुए सरकार द्वारा स्थायी समाधान की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही उन्हें जाम की समस्या से राहत मिलेगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्थायी व्यवस्था कब तक पूरी तरह से लागू होकर लोगों को राहत पहुंचा पाती है।