पटना में 32 लाख की प्रतिबंधित दवाएं बरामद, तस्कर गिरफ्तार

Update: 2026-08-01 04:13 GMT

पटना। बिहार में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए औषधि एवं उत्पाद विभाग की टीम ने पटना सिटी इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। बरामद दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 32 लाख 71 हजार 560 रुपये बताई जा रही है। विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, औषधि एवं उत्पाद विभाग की टीम ने गुरुवार देर रात पटना सिटी के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र स्थित बैंक कॉलोनी, शिवपुर इलाके में एक गोदाम पर छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में टीम को बड़ी मात्रा में नशीली और प्रतिबंधित दवाएं मिलीं। अधिकारियों के अनुसार, इन दवाओं का भंडारण अवैध तरीके से किया गया था और इनके कारोबार से जुड़े लोगों की जांच की जा रही है।

छापेमारी के दौरान टीम ने गोदाम संचालक रजनीश कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित दवाओं की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं।

औषधि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नशीली और प्रतिबंधित दवाओं का अवैध इस्तेमाल लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसी दवाओं का बिना चिकित्सकीय सलाह और अनुमति के इस्तेमाल न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए विभाग लगातार अवैध दवा कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला रहा है।

बरामद दवाओं की जांच की जा रही है कि उनमें कौन-कौन सी प्रतिबंधित श्रेणी की दवाएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई दवाओं की सूची तैयार की जा रही है और उनकी गुणवत्ता तथा वैधता से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में अवैध कारोबार की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से अवैध रूप से नशीली दवाओं की बिक्री और भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विभाग ने निगरानी बढ़ाई और सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के कारोबार में शामिल लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ दवाओं का गलत इस्तेमाल नशे की लत पैदा कर सकता है। युवा वर्ग में ऐसी दवाओं का दुरुपयोग चिंता का विषय बना हुआ है। इसलिए सरकार और प्रशासन की ओर से समय-समय पर ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकना सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

औषधि एवं उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई को अवैध दवा कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि केवल दवाओं की बरामदगी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी जरूरी है। इसके लिए गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद दवाओं की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। यदि इस नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री या भंडारण की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों की सतर्कता से ऐसे अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

फिलहाल पटना सिटी के शिवपुर स्थित गोदाम से बरामद प्रतिबंधित दवाओं के मामले में जांच जारी है। करीब 32.71 लाख रुपये की दवाओं की बरामदगी और गोदाम संचालक की गिरफ्तारी के बाद विभाग अब पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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