ग्रेनेड हमले से भाजपा नेता लालित नारायण मिश्रा की मौत पर बोले अश्विनी चौबे
Bihar बिहार: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने समस्तीपुर में हुए लालित नारायण मिश्रा पर ग्रेनेड हमले की घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल दुखद है बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण भी है। चौबे ने बताया कि “समस्तीपुर में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा लालित नारायण मिश्रा पर ग्रेनेड से हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका। भाजपा नेता चौबे ने कहा, “घायल मिश्रा को 16 घंटे तक यहां-वहां भटकाया गया, लेकिन उन्हें न तो समस्तीपुर अस्पताल भेजा गया, न दरभंगा मेडिकल कॉलेज, और न ही पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH)। यह पूरी तरह से मानवता और प्रशासनिक जिम्मेदारी की हत्या है।”
उन्होंने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक व्यक्ति की जान इसलिए चली गई क्योंकि अधिकारियों ने तत्काल निर्णय नहीं लिया। चौबे ने कहा कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लालित नारायण मिश्रा भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे, जिन्होंने क्षेत्र में पार्टी के लिए लगातार काम किया। “उनके साथ जो हुआ वह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था की विफलता का उदाहरण है,” चौबे ने कहा।
घटना के बाद भाजपा नेताओं ने समस्तीपुर में विरोध प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग की। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि मिश्रा को समय रहते बेहतर इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस बीच, पुलिस विभाग ने कहा है कि मामले की जांच टीम गठित कर दी गई है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाएगी। वहीं विपक्षी दलों ने भी सरकार से जवाब मांगा है कि आखिर इतने संवेदनशील मामले में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। लालित नारायण मिश्रा पर हुआ यह हमला बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर रहा है। भाजपा ने स्पष्ट कहा है कि अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा।