अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, सरकार छठ पूजा पर भी असंवेदनशील

Update: 2025-10-25 17:46 GMT
Bihar बिहार। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार में छठ पूजा के अवसर पर सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि इस बड़े और भक्तिमय त्योहार के दौरान भी राज्य सरकार असंवेदनशील साबित हो रही है। अखिलेश प्रसाद सिंह का यह बयान छठ पूजा और आगामी चुनावों के मद्देनजर आया है। अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि सरकार कितनी असंवेदनशील है। यहां तक कि एक ऐसा त्योहार जो पूरी निष्ठा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, उसके समय भी वे सही ढंग से कार्य नहीं कर पा रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि छठ बिहार के लोगों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है और हर घर में इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
सांसद ने यह भी जोड़ा कि बिहार में चुनाव हमेशा छठ पूजा के बाद होते हैं। उन्होंने कहा, "जैसा कि मेरे सहयोगी ने कहा, जनता उन्हें बैलेट बॉक्स के माध्यम से सबक सिखाएगी। लोग छठ पूजा में सूर्य देव की पूजा करते हैं और यह हमारे सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और असंवेदनशील रवैया लोगों की आस्था और विश्वास को प्रभावित कर रहा है। उनके अनुसार, त्योहार के दौरान उचित व्यवस्थाओं का अभाव जनता में असंतोष पैदा कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस सांसद का यह बयान बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए आया है। यह जनता के मन में सरकार की आलोचना और राजनीतिक दबाव बढ़ाने का एक प्रयास माना जा रहा है। अखिलेश प्रसाद सिंह ने इसे सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि लोक आस्था और सांस्कृतिक महत्व के दृष्टिकोण से उठाया है।
अखिलेश प्रसाद सिंह ने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान सरकार को संवेदनशील और सक्रिय रहना चाहिए। उनका मानना है कि प्रशासनिक जवाबदेही और समय पर कार्रवाई ही जनता का विश्वास बनाए रख सकती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों और आस्था के प्रति सजग रहें और जरूरत पड़ने पर अपनी आवाज उठाएं। इस प्रकार, बिहार में छठ पूजा के मौके पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और जनता को सावधान किया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे लेकर सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
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