बिहार में दुर्गा पूजा पर प्रशासन सख्त, डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक
DJ बंद और जुलूस के लिए लाइसेंस जरूरी
पटना: बिहार में दुर्गा पूजा और दशहरा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्यभर में डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पूजा पंडालों, प्रतिमाओं और विसर्जन जुलूसों के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सोशल मीडिया पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव और डीजीपी की बैठक में स्पष्ट किया गया कि दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। पूजा समितियों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। विसर्जन जुलूस के दौरान पूरे रास्ते की वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी कराई जाएगी और आयोजकों को जिम्मेदार सदस्यों की जानकारी प्रशासन को देनी होगी।
डीजे पर प्रतिबंध के साथ लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को भी निर्धारित समय सीमा में रखने का निर्देश है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन, भड़काऊ नारों और आपत्तिजनक गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।
गंगा में सीधे विसर्जन पर रोक
पटना समेत गंगा किनारे के क्षेत्रों में प्रतिमाओं को सीधे बहते जल में विसर्जित करने की अनुमति नहीं होगी। बिहार की मूर्ति विसर्जन संबंधी नियमावली और जल प्रदूषण रोकने के प्रावधानों के तहत कृत्रिम या अस्थायी तालाबों में विसर्जन की व्यवस्था की जाती है। प्रशासन पहले भी साफ कर चुका है कि किसी प्रवाहमान जलधारा में प्रतिमा विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन की ओर से विसर्जन के लिए निर्धारित घाटों और कृत्रिम तालाबों के आसपास पुलिस, गोताखोर और बचाव दल तैनात करने की तैयारी है। भीड़ वाले स्थानों पर प्रवेश और निकास के लिए अलग व्यवस्था रखने को कहा गया है।
पंडालों का फायर ऑडिट और CCTV
बड़े पूजा पंडालों में अग्निशमन व्यवस्था मजबूत रखने और जरूरत के अनुसार फायर ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर CCTV कैमरे, वॉच टावर, मेडिकल टीम, एंबुलेंस, क्विक रिस्पांस टीम और SDRF की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी और जिला नियंत्रण कक्षों को सक्रिय रखा जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी नजर
त्योहार के दौरान अफवाह या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। अधिकारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी करने और किसी संदिग्ध पोस्ट या संदेश पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूजा समितियों को भी कहा गया है कि वे प्रशासन द्वारा तय किए गए रूट और समय के अनुसार ही विसर्जन जुलूस निकालें। बिना लाइसेंस जुलूस या नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा सकती है।
दुर्गा पूजा को देखते हुए बिहार प्रशासन का फोकस इस बार भीड़ नियंत्रण, धार्मिक सौहार्द, सड़क सुरक्षा और जल प्रदूषण रोकने पर है। राज्यभर में डीजे पर रोक के साथ प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि त्योहार के दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।