बेऊर जेल मामले में कार्रवाई तेज

Update: 2026-06-23 15:12 GMT

Bihar: पटना स्थित आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर जेल में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद बिहार सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मामले में अब एक और अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि जेल प्रशासन को सुधारने के लिए तीन नए सहायक कारा अधीक्षकों की नियुक्ति की गई है।

जानकारी के अनुसार, पहले जेल अधीक्षक के निलंबन के बाद अब उच्च कक्षपाल संजीव कुमार ठाकुर को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर बंदियों के साथ साठगांठ कर अवैध रूप से खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने, बाहर से सामान मंगवाकर पहुंचाने, जांच टीम के साथ असहयोग करने और ड्यूटी के दौरान वर्दी में न होने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय मंडल कारा सासाराम तय किया गया है।

यह कार्रवाई 20 जून को हुई औचक निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें कारा निरीक्षणालय और जिला प्रशासन की टीम ने जेल में कई अनियमितताएं पकड़ी थीं। जांच में सामने आया कि जेल परिसर में अवैध मेस संचालित हो रहे थे और कई वार्डों में बंदी हीटर का उपयोग कर खाना बना रहे थे। कैंटीन में एमआरपी से अधिक कीमत पर सामान बेचे जाने और अवैध वसूली के भी आरोप सामने आए।

जांच रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि बंदियों को दिया जाने वाला भोजन गुणवत्ता में खराब था और तय मेन्यू के अनुसार नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा उच्च सुरक्षा वार्ड में युवा बंदियों को कुख्यात अपराधियों के साथ रखने पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात सामने आई।

सरकारी आदेश में यह भी कहा गया कि निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन ने जांच टीम को पर्याप्त सहयोग नहीं दिया, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है।

व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने तीन नए सहायक कारा अधीक्षकों की नियुक्ति की है। ज्योति कुमारी, राजीव रंजन और प्रियत्तम प्रियदर्शी को बेऊर जेल में पदस्थापित किया गया है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से जेल प्रशासन में पारदर्शिता और अनुशासन बहाल करने की कोशिश की जाएगी।

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