Guwahati गुवाहाटी: बुधवार को असम के मोरीगांव ज़िले के डंडुआ में जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुआ। स्थानीय लोग सरकार के उस प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे जिसके तहत कई गांवों को मोरीगांव रेवेन्यू सर्कल के बजाय मिकिरभेटा रेवेन्यू सर्कल में शामिल किया जाना था।
इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और उन्होंने टायर जलाकर नगांव-मोरीगांव स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। इससे गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और हाईवे के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि इस प्रस्ताव से निज डंडुआ, बोनपारा, सापकाटी और आस-पास के कई गांवों का रेवेन्यू सर्कल बदल जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भरोसे में लिए बिना या उन्हें पहले से कोई जानकारी दिए बिना ही इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने का काम किया।
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय विधायक रमाकांत देउरी के खिलाफ भी नारे लगाए और उन पर इस मुद्दे पर जनता की चिंताओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस प्रस्ताव को रद्द किया जाए और प्रभावित गांवों को मोरीगांव रेवेन्यू सर्कल में ही रहने दिया जाए।
स्थिति पर नज़र रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए मोरीगांव के पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें जाम खत्म करने तथा ट्रैफिक बहाल करने के लिए मनाने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर प्रस्ताव रद्द नहीं किया गया तो विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने गांवों को मिकिरभेटा रेवेन्यू सर्कल में स्थानांतरित करने के किसी भी फैसले का कड़ा विरोध करेंगे।