असम: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें गोगोई ने कहा था कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो सरमा जेल जाएंगे। सरमा ने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति उन्हें "पागल" कहता है, वह खुद कैसे प्रधानमंत्री बन सकता है।
सरमा ने कहा कि चुनाव प्रचार में जेल की चर्चा के बजाय वोटों और लोगों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
गोगोई की टिप्पणी का जवाब देते हुए सरमा ने कहा, "जब चुनाव आते हैं, तो इंसान को वोटों के बारे में सोचना चाहिए, न कि जेल के बारे में।"
असम के मुख्यमंत्री ने कहा, "अगले 9 महीनों में कोई चुनाव नहीं है; चुनाव कैसे होगा? मैं वह फॉर्मूला जानना चाहता हूं... चुनाव 2029 में है, और राहुल गांधी पागल हैं; वह पीएम कैसे बन सकते हैं?"
उन्होंने कहा कि इसके बजाय राजनीतिक नेताओं को सड़कों, स्कूलों, कॉलेजों और ओरुनोदोई जैसी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात करनी चाहिए।
गोगोई और गांधी पर निशाना साधते हुए सरमा ने कहा, "जब भी चुनाव आते हैं, गौरव गोगोई और राहुल गांधी जेल की बात करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि कैदी वोट नहीं देते और आम जनता ही चुनाव का फैसला करती है।
सरमा ने कहा, "जेल में बंद कैदी वोट नहीं देते। आम जनता वोट देती है।"
असम कांग्रेस अध्यक्ष गोगोई ने 2 अक्टूबर को दावा किया था कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो सरमा के खिलाफ "अगले ही दिन" मामला दर्ज किया जाएगा और आरोप लगाया था कि इसके बाद असम के मुख्यमंत्री जेल जाएंगे।
इससे पहले भी सरमा ने राहुल गांधी को "पागल" कहा था, जब गांधी ने कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी की आलोचना की थी।
यह ताजा बयानबाजी नगांव लोकसभा उपचुनाव से पहले असम में बढ़ते तीखे राजनीतिक प्रचार के बीच हुई है।