गुवाहाटी: गुवाहाटी में 100 से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया। वे अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की 'अपर सियांग मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' को रद्द करने की मांग कर रहे थे।
यह प्रदर्शन कॉटन यूनिवर्सिटी के बाहर किया गया, जो अरुणाचल प्रदेश में बांध-विरोधी जन-आंदोलन के समर्थन में था।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस परियोजना को तुरंत रद्द करने और स्थानीय समुदायों की लोकतांत्रिक राय का सम्मान करने की अपील की। ​​उन्होंने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश सरकार बांध-विरोधी आंदोलन को दबाने के लिए दमनकारी तरीके अपना रही है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने हाल के विरोध-प्रदर्शनों के बाद 'अरुणाचल प्रदेश अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट' (APUAPA) के तहत गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए 60 से अधिक लोगों को तुरंत और बिना किसी शर्त के रिहा करने की भी मांग की।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि 'अपर सियांग मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' लागू होने से हजारों परिवार अपनी पुश्तैनी ज़मीनों से बेदखल हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस परियोजना से हिमालय के नाज़ुक पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को ऐसा नुकसान पहुँच सकता है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकेगी। साथ ही, इससे नदियों पर निर्भर लोगों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है और मूल निवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत भी जोखिम में आ सकती है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्थानीय समुदायों की राय और सहमति के बिना इतनी बड़ी परियोजना थोपने की किसी भी कोशिश को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पूर्वोत्तर की नदियों पर प्रस्तावित सभी बड़ी बांध परियोजनाओं के खिलाफ असम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों को साथ लेकर एक संयुक्त आंदोलन खड़ा करने का संकल्प लिया। प्रदर्शनकारियों ने दोनों राज्यों के लोगों से अपील की कि वे मूल निवासियों के अधिकारों, पर्यावरण और आजीविका की रक्षा के लिए एकजुट हों।
इस प्रदर्शन में मैनी महंता, शंकर सैकिया और मनोरमा गोगोई शामिल थे। इनके साथ 'जॉइंट स्ट्रगल कमिटी फॉर लैंड राइट्स' के सुब्रत तालुकदार और बिदिशा बर्मन, तथा चंदन बोरगोहेन भी मौजूद थे।
अन्य लोगों में CPI(M) के निरंकुश नाथ और संगीता दास; उत्पला दास; CPI(ML) लिबरेशन के पंकज कुमार दास; CPI के जयंत गोगोई; 'पटकाई सिविलाइजेशन प्रोटेक्शन कोऑर्डिनेशन फोरम' के देबांग गोगोई; 'ऑल इंडिया किसान मज़दूर सभा' ​​के देबाजीत चौधरी; और 'जातीय युवा वाहिनी' के अंकुमान बोरदोलोई तथा धनजीत बैश्य शामिल थे। उकियाम बांध-विरोधी आंदोलन के चाबिन राभा; और छात्र नेता सिद्धार्थ हजारिका।
गुवाहाटी विश्वविद्यालय और कॉटन विश्वविद्यालय के कई छात्रों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
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