गौरव गोगोई का तंज: "हिमंत सरमा सत्ता गंवाकर दुबई या सिंगापुर भागेंगे"

Update: 2025-11-01 16:06 GMT
ASSAM असम: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद गौरव गोगोई ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “हिमंत बिस्वा सरमा सत्ता से बाहर होते ही देश छोड़कर दुबई या सिंगापुर भाग जाएंगे।” गोगोई ने यह बयान असम में कांग्रेस की जनसभा को संबोधित करते हुए दिया, जहां उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, भय और धार्मिक ध्रुवीकरण के आरोप लगाए। गौरव गोगोई ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा ने सत्ता में आने के बाद असम की जनता की समस्याओं की बजाय केवल अपनी छवि चमकाने और दिल्ली दरबार में अपनी पकड़ मजबूत करने में समय लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर है, जबकि मुख्यमंत्री इन मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए हर दिन नए विवाद पैदा करते हैं।
कांग्रेस सांसद ने कहा, “असम में जिस तरह से सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार हुआ है और सीएम के करीबी कारोबारियों को लाभ पहुंचाया गया है, उस पर अगर जांच हुई तो कई चौंकाने वाले खुलासे होंगे। मुझे यकीन है कि जब भाजपा सत्ता से जाएगी, तब हिमंत बिस्वा सरमा देश छोड़कर दुबई या सिंगापुर भाग जाएंगे, क्योंकि उन्हें अपने किए का हिसाब देना पड़ेगा। गौरव गोगोई ने असम में बढ़ती बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है, और पुलिस तंत्र राजनीतिक आदेशों पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने असम को “भय और नफरत की राजनीति का प्रयोगशाला” बना दिया है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में असम की जनता भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने कहा, “हमारे राज्य की संस्कृति समावेश और भाईचारे की रही है, लेकिन भाजपा ने इसे तोड़ने का काम किया। अब समय आ गया है कि असम की जनता जवाब दे और एक ऐसी सरकार चुने जो सबके विकास के लिए काम करे, न कि नफरत फैलाए। गौरव गोगोई ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, जो कभी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुआ करते थे, अब भाजपा के प्रचारक बन गए हैं। उन्होंने कहा, “हिमंत जी ने सत्ता और पद के लिए अपनी विचारधारा बेच दी। उन्हें अब असम के लोगों की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को खुश करने की चिंता है।”
गोगोई के इस बयान के बाद असम की राजनीति में हलचल मच गई है। भाजपा नेताओं ने उनके आरोपों को बेबुनियाद और भड़काऊ बताया है। असम भाजपा प्रवक्ता ने जवाब में कहा कि गौरव गोगोई “राजनीतिक निराशा में” ऐसे बयान दे रहे हैं क्योंकि कांग्रेस को राज्य में कोई जनसमर्थन नहीं बचा है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गौरव गोगोई का यह बयान आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश का हिस्सा है। कांग्रेस इस समय असम में अपनी जमीन फिर से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है और गोगोई को इसके प्रमुख चेहरे के रूप में आगे लाया जा रहा है।
गुवाहाटी के राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा है कि गौरव गोगोई का यह बयान आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव को और तेज कर सकता है।
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