Assam असम: गुवाहाटी हाई कोर्ट ने ऊर्जा बचत और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए एक महीने के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है। इस व्यवस्था के तहत सोमवार और शुक्रवार को अदालत की कार्यवाही वर्चुअल माध्यम से की जाएगी और कोर्ट स्टाफ के लिए आंशिक वर्क-फ्रॉम-होम व्यवस्था भी लागू रहेगी।

नया SOP 25 मई से लागू होकर 26 जून तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। इस संबंध में गुरुवार को रजिस्ट्रार जनरल की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया।

निर्देशों के अनुसार, गुवाहाटी हाई कोर्ट (Gauhati High Court) और उसकी बाहरी बेंचों में सोमवार और शुक्रवार को सूचीबद्ध सभी मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। इसके लिए वर्चुअल लिंक उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि कोर्ट मास्टर्स को निर्देश दिया गया है कि वे सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर सुनवाई को सुचारू रूप से संचालित करें।

यह व्यवस्था भारत के चीफ जस्टिस कार्यालय से मिले निर्देशों और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के ऊर्जा बचत संबंधी कार्यालय ज्ञापन के आधार पर तैयार की गई है।

SOP के तहत प्रशासनिक और न्यायिक शाखाओं में लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारी वैकल्पिक दिनों में कार्यालय आएंगे। शेष कर्मचारी घर से कार्य करेंगे, लेकिन उन्हें कार्य समय के दौरान मोबाइल फोन और ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कम समय में कार्यालय भी बुलाया जा सकता है।

इसके अलावा, हाई कोर्ट ने प्रशासनिक फाइलों की प्रक्रिया और आधिकारिक संचार के लिए ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है, जिससे कार्य में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा की खपत कम करना, कार्य प्रणाली को आधुनिक बनाना और डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा देना है।

फिलहाल यह व्यवस्था एक महीने के लिए लागू की गई है और इसके परिणामों के आधार पर आगे की नीति तय की जाएगी।

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