मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अगरतला में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से की महत्वपूर्ण बैठक
Assam असम: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को त्रिपुरा की पवित्र मां त्रिपुरसुंदरी भूमि का दौरा किया और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने राज्यों के बीच सहयोग, आपसी हित के मुद्दों और क्षेत्रीय विकास के विविध पहलुओं पर सार्थक चर्चा की। मुख्यमंत्री सरमा ने अपनी यात्रा को आध्यात्मिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर हिमंत बिस्वा सरमा ने लिखा, "मां त्रिपुरसुंदरी की पवित्र भूमि पर आकर धन्य हुआ। अगरतला में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मुलाकात की। हमने आपसी हित के कई मुद्दों पर सार्थक चर्चा की, हमारे राज्यों के बीच सहयोग और साझा प्रगति की भावना को मजबूत किया।" उनके इस ट्वीट से स्पष्ट हुआ कि दोनों राज्यों के बीच विकास और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में दोनों मुख्यमंत्री परिवहन, ऊर्जा, जल संसाधन, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा की। इसके अलावा, राज्य सीमा से जुड़े मुद्दों, आपसी व्यापार और निवेश बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच नियमित बैठकें आयोजित की जाएँगी ताकि आपसी सहयोग और योजना कार्यान्वयन में तेजी लाई जा सके।
मुख्यमंत्री सरमा ने इस अवसर पर त्रिपुरा की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि मां त्रिपुरसुंदरी का मंदिर और यहां की धार्मिक परंपराएं दोनों राज्यों के लिए आस्था और पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच साझा विकास और सहयोग को मजबूती देना भी है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी इस बैठक को फलदायी बताया। उन्होंने कहा कि "हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम और त्रिपुरा के बीच बेहतर सहयोग के नए अवसर बनेंगे। हम दोनों राज्यों के बीच व्यापार, उद्योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
दोनों राज्यों के अधिकारियों ने बैठक के दौरान सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा, अवैध कारोबार पर नियंत्रण और आपसी संचार तंत्र को मजबूत करने पर भी चर्चा की। इसके अलावा, पर्यटन क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं पर विचार किया गया, ताकि दोनों राज्यों के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की पहचान और लोकप्रियता बढ़ाई जा सके।
मुख्यमंत्री सरमा की यह यात्रा त्रिपुरा और असम के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरे से पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और साझा विकास के लिए व्यापक और ठोस पहल करेंगे।
इस अवसर पर यह भी चर्चा हुई कि दोनों राज्य कृषि उत्पादन, सिंचाई परियोजनाओं और ग्रामीण विकास योजनाओं में मिलकर काम कर सकते हैं। इसके अलावा, दोनों राज्य सामाजिक कल्याण योजनाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी अनुभव साझा करेंगे और आपसी सहयोग को मजबूत करेंगे।
बैठक के समापन पर दोनों मुख्यमंत्री ने मीडिया को साझा बयान में कहा कि यह वार्ता दोनों राज्यों के बीच सामूहिक प्रगति, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कदम है।