असम में कांग्रेस के खिलाफ आज से बीजेपी की रैलियां
असम में बीजेपी की रैलियां
गुवाहाटी: असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आज से कांग्रेस के खिलाफ राज्यव्यापी रैली अभियान शुरू करेगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि बीजेपी 13 से 31 अक्टूबर तक राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण रैलियां आयोजित करेगी। इन रैलियों का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक विरोध दर्ज कराना और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पार्टी के रुख को जनता के सामने रखना है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बीजेपी इस मुद्दे पर राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगी।
सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव परिणामों को लेकर अलग-अलग मापदंड अपनाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव जीतते हैं, तो कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है, लेकिन अपने नेताओं की जीत को स्वीकार करती है।
मुख्यमंत्री ने असम और केरल के चुनावी परिणामों का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल की असहमति के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में नहीं लाया जाना चाहिए। बीजेपी का यह अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच शुरू हो रहा है। कांग्रेस इस प्रक्रिया की निष्पक्षता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रही है। वहीं, बीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए पुनरीक्षण आवश्यक है।
सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर का विरोध करके अवैध घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, यह बीजेपी का राजनीतिक आरोप है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
असम बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने भी अभियान की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालयों पर जनजागरण जुलूस आयोजित किए जाएंगे। अभियान के पहले चरण की शुरुआत नलबाड़ी से होगी। इसके अलावा गुवाहाटी, सिलचर, तेजपुर, बारपेटा, जोरहाट और डिब्रूगढ़ में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने के प्रयास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं होने के बावजूद विपक्ष ने न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया।
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने 10 अक्टूबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर 12 अक्टूबर को मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त, चुनाव आयोग के कामकाज और अन्य मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक मर्यादा और संबंधित मामलों के अदालत में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया। इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
बीजेपी ने घोषणा की है कि इन रैलियों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के प्रति समर्थन भी व्यक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
असम में 13 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान बीजेपी विभिन्न जिला मुख्यालयों पर सभाओं और जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से कांग्रेस के खिलाफ अपना पक्ष रखेगी। चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच जारी मतभेदों के बीच यह अभियान राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया है।