असम: असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक कथित संगठित वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (PIOs) से जुड़े होने का संदेह है। माना जा रहा है कि यह गिरोह देश भर में धोखाधड़ी वाले लेन-देन के लिए कई 'म्यूल' (दूसरे के नाम पर खोले गए) बैंक खातों का इस्तेमाल करता था।
यह जांच केंद्रीय एजेंसियों, जिनमें मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और गजराज (तेजपुर) शामिल हैं, से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू की गई थी। सोनितपुर पुलिस ने STF पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
शुरुआती जांच से पता चला कि गुवाहाटी के चांदमारी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गणेश नगर की रहने वाली मर्जिना बेगम के SBI खाते में 22 जून से 5 अगस्त, 2026 के बीच 47 दिनों में कई लाख रुपये जमा हुए। जांचकर्ताओं ने पाया कि पैसे जमा होने के तुरंत बाद ही निकाल लिए जाते थे, जिससे इस खाते का इस्तेमाल धोखाधड़ी वाले लेन-देन के लिए किए जाने का संदेह पैदा हुआ।
आगे की जांच में चांदमारी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बामुनीमैदान के रहने वाले 22 वर्षीय मोफिजुल हक और 19 वर्षीय हिमांशु दास की इस खाते से जुड़े संदिग्ध लेन-देन में संलिप्तता सामने आई। जांचकर्ताओं को पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से संभावित संबंध होने के शुरुआती संकेत भी मिले।
इन जानकारियों के आधार पर, STF ने 28 अक्टूबर को एक ऑपरेशन चलाया और मर्जिना बेगम, मोफिजुल हक और हिमांशु दास को गिरफ्तार कर लिया। ऑपरेशन के दौरान मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज जब्त किए गए, जिनके इस गिरोह से जुड़े होने का संदेह है।
पूछताछ के दौरान, हक और दास ने कथित तौर पर इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के नाम बताए। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, STF ने बाद की छापेमारी में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया।
29 अक्टूबर को चांदमारी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गणेश नगर स्थित उनके घर से 34 वर्षीय रकीब हुसैन को गिरफ्तार किया गया।
30 अक्टूबर को, STF ने लतासिल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत उजानबाजार से 25 वर्षीय इफ्तार हुसैन और गुवाहाटी के नूनमाटी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आनंद नगर से 20 वर्षीय अरमान अज़ुज़ हक को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए, जिनके कथित धोखाधड़ी से जुड़े होने का संदेह है। गुवाहाटी सिटी पुलिस ने इन छापों में एसटीएफ (STF) की मदद की।
शुरुआती जांच के अनुसार, यह गिरोह करीब दो साल से देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय है। ये लोग धोखाधड़ी वाले वित्तीय लेनदेन के लिए कई 'म्यूल' (दूसरे के नाम पर खोले गए) बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस नेटवर्क ने लोगों को ठगकर करोड़ों रुपये ऐंठे हैं।
एसटीएफ के मुताबिक, माना जा रहा है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड असम के बाहर से काम कर रहा है और वहीं से बाकी सदस्यों की गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा है।
अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच जारी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके, अपराध से हासिल की गई रकम के लेन-देन को ट्रैक किया जा सके और नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खातों की पहचान की जा सके।
एसटीएफ इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के पाकिस्तान स्थित खुफिया एजेंटों से कोई संबंध हैं, या इसमें अन्य राष्ट्र-विरोधी तत्वों की भी कोई भूमिका है।