Assam   असम : सुप्रीम कोर्ट ने असम में कथित फर्जी मुठभेड़ों पर सुनवाई 26 नवंबर, 2024 तक के लिए टाल दी है।अदालत ने असम सरकार को 171 मुठभेड़ मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है, जिसमें चल रही जांच की स्थिति पर अपडेट भी शामिल है। यह फैसला उस सत्र के दौरान आया, जिसमें बेंच ने राज्य पुलिस द्वारा लक्षित हत्याओं से जुड़ी चिंताओं पर स्पष्टता मांगी।याचिकाकर्ता जवादर का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इन मुठभेड़ों में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने की दलील दी, जबकि असम सरकार की ओर से वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता नलिन कोहली पेश हुए।
सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने जांच में स्पष्ट प्रगति की कमी पर चिंता जताई। असमिया मूल के न्यायमूर्ति भुयान ने मजिस्ट्रेट जांच की लंबी प्रकृति पर असहजता व्यक्त की, जो 2021 और 2022 की घटनाओं के बावजूद जारी है। उन्होंने कहा, "क्या पुलिस चुनिंदा रूप से एक विशिष्ट समुदाय को निशाना बना रही है? यदि ऐसा है, तो क्या वे अपने कर्तव्यों का उल्लंघन कर रहे हैं? ऐसे मामलों को समय से पहले नहीं देखा जा सकता। मजिस्ट्रेट जांच में 10 या 15 दिन से अधिक समय नहीं लगना चाहिए।" न्यायालय ने कथित न्यायेतर हत्याओं के साथ असम के इतिहास को रेखांकित किया, इस क्षेत्र के अशांत अतीत को उजागर किया। न्यायमूर्ति भुयान ने टिप्पणी की, "मुठभेड़ के मामलों को पूरी तरह से गैर-मौजूद बताकर खारिज नहीं किया जा सकता। राज्य ने अतीत में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना किया है, इन मुद्दों को दर्ज करने वाली विभिन्न रिपोर्टें हैं। यह महत्वपूर्ण है कि ऐसी चिंताओं को पारदर्शिता के साथ संबोधित किया जाए।"
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